पंचशील से हिंदी चीनी भाई-भाई तक/भाग दो

चीन और हमारे मुल्क के मध्य वर्तमान में गंभीर तनाव के पीछे एक लंबा इतिहास है जिसकी जड़ में है चीन की Emperialistic सोच, विस्तारवादी सोच। पूरे देश में इस … Read More

चीन को लेकर गलत नहीं थे नेहरू/भाग एक

चीन के साथ संबंधों को लेकर प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को दोषी ठहराने की रवायत बन चुकी है। वाट्सअप युनिवर्सिटी में तो नेहरू को खलनायक साबित करने वली ‘कथाओं’ की … Read More

संपादकीय ❘ चेतने का समय-3

बचपन से ही हमारी कंडीशनिंग शुरू कर दी जाती है। मां को प्रथम शिक्षक कहा गया है। तो हमारी, हम सबकी, पहली गुरू मां हुई। वह हमें अपनी समझ अनुसार … Read More

संपादकीय ┃ चेतने का समय आ गया-2

अष्टावक्र और राजा जनक का संवाद अद्भुत है। जनक महाप्रतापी, प्रजापालक और संवेदनशील राजा थे। ज्यादा संवेदनशीलता सांसारिक रूप से सब कुछ होने, पा लेने के बाद भी मनुष्य को … Read More

संपादकीय ┃ चेतने का समय आ गया

दशकों पहले एक कवितानुमा कुछ पढ़ा था, तंज था उन बुद्धिजीवियों पर जो महंगी शराब, वातानुकूलित कमरों और अन्य सभी प्रकार की विलासिता का संपूर्ण भोग करते हुए किसानों की … Read More

संपादकीय │नए महामना की यात्रा पर कुछ यूं ही

विश्व की सबसे ताकतवर शख्सियत अपने लाव लश्कर, अपने परिवार समेत भारत आए, अहमदाबाद में एक विशाल जनसमूह से बतियाए, बापू के आश्रम गए, चरखा काता, फोटो सेशन किया फिर … Read More

संपादकीय │एक रुका हुआ फैसला

देर से सही, देर आए दुरुस्त आए की तर्ज पर अंततः भारतीय फौज में महिलाओं की हिस्सेदारी तय करने वाला फैसला आ ही गया। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई. … Read More

संपादकीय │कनॉट प्लेस का हनुमान मंदिर

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे कई मायनों में बेहद रोमांचकारी प्रतीत होते हैं। देश की गंगा-जमुनी संस्कृति के मुझ सरीखे पैरोकारों को इन नतीजों ने बड़ी राहत पहुंचाने का काम … Read More

संपादकीय │ बजट माने मुंगेरीलाल के हसीन सपने

किसी भी देश का वार्षिक बजट वर्तमान से कहीं अधिक उसके भविष्य को समझने वाला होता है, बशर्ते बजट को ठीक तरीके से पढ़ा और समझा जाए। यह ठीक वैसा … Read More

तुम्हें साधुवाद केजरीवाल, विजयी भवो!

वक्त के साथ-साथ बहुत कुछ बदल जाता है। हमारी उम्र बढ़ती है, चेहरा बदल जाता है, ऊर्जा कम होने लगती है, अमूमन नहीं बदलती है तो व्यक्ति की सोच, उसके … Read More

धर्म के नाम पर विद्वेष का जहर हर लेता है व्यक्ति की चेतना

पंकज भटनागर और मैं लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय में साथ पढ़े। दोनों ने बीएससी साथ किया। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से तीन वर्ष का पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स … Read More

लाज़िम है कि हम देखेंगे!

भाजपा के लिए वर्ष 2019 विशेष उपलब्धि लिए आया जरूर, लेकिन जाते-जाते तगड़ा झटका भी दे गया। 2017 के अंत में देश के 71 प्रतिशत भू-भाग पर राज करने वाली … Read More

कसौटी पर गंगा-जमुनी संस्कृति

एनआरसी यानी राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर, एनपीआर यानी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर और सीएए यानी नागरिकता संशोधन कानून, इस वर्ष 2020 के तीन ऐसे मुद्दे हैं जिन पर जमकर राजनीति होनी तय … Read More

अकेली पुलिस ही खलनायक नहीं!

‘सुधार मांगती आपराधिक न्याय प्रणाली’ शीर्षक से एक आलेख ‘दैनिक जागरण’ समाचार पत्र में पढ़ने को मिला। इस आलेख के लेखक आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग के स्नातक रह चुके … Read More