एक अदद बागी की कहानी

हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से शहर से निकलकर बिना किसी फिल्मी विरासत के बाॅलीवुड पर राज करने वाली कंगना रनौत आज भारतीय राजनीति की सबसे विवादित सांसदों में गिनी … Read More

‘मुगैम्बो’ से ‘पुष्पा’ तक : क्यों बदल गया हिंदी सिनेमा का खलनायक? हीरो नहीं, विलेन बदल गया

एक समय हिंदी फिल्मों का खलनायक तस्कर, डाकू, स्मगलर या भ्रष्ट जमींदार होता था और नायक नैतिकता का प्रतीक लेकिन आज ‘पुष्पा’, ‘केजीएफ’, ‘एनिमल’ और ‘कबीर सिंह’ जैसे किरदारों की … Read More

‘दीवार’ से ‘उरी’ तक बदल गई हिंदी सिनेमा की राजनीति

वर्ष 1970 के दशक में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, मजदूर आंदोलनों और व्यवस्था से मोहभंग ने हिंदी सिनेमा को ‘एंग्री यंग मैन’ दिया। ‘जंजीर’, ‘दीवार’, ‘नमक हराम’ और ‘रोटी कपड़ा और … Read More

‘मैं वापस आऊंगा’ आक्रामक राष्ट्रवाद के दौर में करुणा का सिनेमा

आक्रामक राष्ट्रवाद, युद्ध और प्रतिशोध की कहानियों से भरे मौजूदा हिंदी सिनेमा के बीच फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ विभाजन की त्रासदी को नफरत नहीं बल्कि स्मृति, प्रेम और करुणा की … Read More

नेपोटिज्म की बहस के बाद क्या सचमुच बदल गया बॉलीवुड?

साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बाॅलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर छिड़ी बहस ने फिल्म उद्योग की कार्यशैली पर गम्भीर सवाल खड़े कर दिए थे। स्टार … Read More

आवारा से श्री 420 तक भारतीय समाजवाद का सिनेमाई चेहरा

अमित कुमार स्वतंत्रता के बाद के भारत में जब देश समाजवाद, समानता और सामाजिक न्याय के सपनों के साथ आगे बढ़ रहा था, तब राज कपूर ने अपने सिनेमा के … Read More

कहां खो गई समानांतर सिनेमा की विरासत?

एक समय भारतीय सिनेमा में समानांतर धारा सामाजिक यथार्थ, वर्ग संघर्ष, जाति, लैंगिक असमानता और लोकतांत्रिक प्रश्नों को केंद्र में रखती थी। आज ओटीटी और स्वतंत्र फिल्मों के नए दौर … Read More

चकाचौंध के पीछे का अंधेरा

वर्ष 1990 के दशक में बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के रिश्तों ने फिल्म उद्योग को गहरे संकट में डाल दिया था। फिल्म निर्माण में काले धन की घुसपैठ, सितारों को धमकियां, … Read More

वह आवाज जिसे हमने पहचानने में देर कर दी एक उपेक्षित किंतु अमर स्वर की स्मृति में

इकत्तीस मई 2026 की शाम भारतीय संगीत जगत के लिए एक और उदास खबर लेकर आई। हिंदी और मराठी फिल्मों की महान पाश्र्व गायिका सुमन कल्याणपुर ने मुम्बई स्थित अपने … Read More

बॉलीवुड का बदलता चेहरा मनोरंजन या उत्तेजना का कारोबार?

एक समय था जब हिंदी सिनेमा परिवार के साथ बैठकर देखे जाने वाले मनोरंजन का सबसे बड़ा माध्यम माना जाता था लेकिन बदलते समय के साथ फिल्मों और वेबसीरीज की … Read More

हिंदी सिनेमा में मुस्लिम किरदारों की यात्रा दोस्त, शायर, देशभक्त से ‘संदेह’ तक

कभी हिंदी फिल्मों में मुस्लिम किरदार तहजीब, दोस्ती, शायरी और गंगा-जमुनी संस्कृति के प्रतीक हुआ करते थे लेकिन पिछले एक दशक में उनकी सिनेमाई छवि तेजी से बदली है। अब … Read More

हिंदी सिनेमा में मुस्लिम किरदारों की यात्रा दोस्त, शायर, देशभक्त से ‘संदेह’ तक

कभी हिंदी फिल्मों में मुस्लिम किरदार तहजीब, दोस्ती, शायरी और गंगा-जमुनी संस्कृति के प्रतीक हुआ करते थे लेकिन पिछले एक दशक में उनकी सिनेमाई छवि तेजी से बदली है। अब … Read More

कान्स-2026 में भारतीय सिनेमा का महाकुम्भ रेड कारपेट से फिल्म मार्केट तक ग्लोबल जलवा अमित कुमार

79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में इस बार भारत की मौजूदगी पहले से कहीं अधिक व्यापक और प्रभावशाली दिखाई देगी। करण जौहर, मौनी राॅय, ऐश्वर्या राय बच्चन, आलिया भट्ट, अमी विर्क, … Read More

सिनेमा का बदलता व्याकरण रोमांस से नग्नता तक का सफर

हिंदी सिनेमा में बढ़ती नग्नता, उत्तेजक दृश्य और हिंसा को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसके लिए ओटीटी प्लेटफाॅर्म को जिम्मेदार ठहराते हैं लेकिन सवाल यह भी … Read More

नए अवतार पर उठे सवाल

अमित कुमार   करीब तीन दशक बाद ‘खलनायक ’ के सीक्वल ‘खलनायक रिटन्र्स’ में संजय दत्त की वापसी तो हुई है लेकिन फस्र्ट लुक ने दर्शकों को उत्साहित करने के … Read More