कागजी पार्टियां, करोड़ों का चंदा और केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल

देश में राजनीतिक दल के नाम पर पंजीकृत हजारों संस्थाओं में कुछ ऐसी भी हैं जो चुनावी मैदान में नजर नहीं आती हैं लेकिन उनके खातों में सैकड़ों करोड़ रुपए … Read More

यूसीसी लगाएगा भाजपा की नैय्या पार?

भारतीय जनता पार्टी के लिए समान नागरिक संहिता अब केवल वैचारिक मुद्दा नहीं बल्कि आने वाले चुनावी वर्षों की बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बनती दिखाई दे रही है। केंद्रीय … Read More

दिल्ली से बदला ब्रिक्स का एजेंडा भारत ने दिखाई ग्लोबल साउथ की नई ताकत

नई दिल्ली में 12-13 सितम्बर को हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने भारत को सिर्फ मेजबान देश की भूमिका तक सीमित नहीं रखा बल्कि वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत … Read More

खतरे में ब्रांड मोदी

जिस युवा पीढ़ी को ‘काॅकरोच’ कहे जाने की टिप्पणी ने आहत किया था, उसी पीढ़ी के आंदोलन ने कुछ ही महीनों में भारतीय राजनीति को एक असाधारण मोड़ पर लाने … Read More

राहुल बनाम विपक्षी सहयोगी

लोकसभा चुनाव 2029 में अभी काफी वक्त बाकी है लेकिन विपक्षी खेमे में प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर सियासी बहस ने अभी से जोर पकड़ लिया है। कांग्रेस के … Read More

कमजोर पड़ती मायावती बिखरता बीएसपी का भविष्य

कभी उत्तराधिकारी घोषित किए गए आकाश आनंद को मायावती ने पहले लोकसभा चुनाव के बीच हटाया, फिर वापस बुलाया, दोबारा बड़ी जिम्मेदारी दी और अब गत सप्ताह उन्हें अपरिपक्व कह … Read More

सजा, न्याय और इंसानियत के बीच नौ साल की लड़ाई

सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट ऋषि मल्होत्रा की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें मौत की सजा पाने वाले कैदियों को फांसी देने के मौजूदा तरीके को चुनौती दी … Read More

पीडीए की काट या नया सियासी दांव?

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी घमासान लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है। चुनाव में अभी समय है लेकिन … Read More

जंतर-मंतर से न्यूयॉर्क और टोरंटो तक क्या बदल रही है संघ की भाषा

जेन जी आंदोलन के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत की अमेरिका और कनाडा यात्रा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बदलती भाषा पर बहस छेड़ दी है। न्यूयाॅर्क में मुसलमानों को … Read More

कॉलेजियम पर सुप्रीम सवाल ‘कारण नहीं बताए तो गलत लोग भी पहुंचेंगे’

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस उज्जल भुइयां ने न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर गम्भीर सवाल उठाकर उस बहस को फिर जीवित कर दिया है जो पिछले … Read More

क्या देश का मिजाज बदलने लगा है?

जनवरी में ‘इंडिया टूडे’ सी-वोटर के ‘मूड ऑफ द नेशन’ सर्वे में एनडीए को 352 सीटों के साथ स्पष्ट बढ़त मिल रही थी जबकि अगस्त में सामने आए ‘पोल ट्रैकरे’ … Read More

पीढ़ीगत बदलाव की ओर भाजपा?

देश की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में हुए बड़े बदलाव ने पार्टी के भविष्य और नेतृत्व की दिशा को लेकर राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी … Read More

गडकरी की विदाई का समय!

नितिन गडकरी को कभी मोदी सरकार का सबसे ताकतवर और मोस्ट परफाॅर्मिंग मंत्री माना जाता था लेकिन अब उनके सामने एक साथ कई राजनीतिक और प्रशासनिक सवाल खड़े हैं। ई-20 … Read More

तालिबान के पांच साल, चुनौती बरकरार

अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता के पांच साल पूरे हो गए हैं लेकिन उसके खिलाफ सशस्त्र प्रतिरोध खत्म नहीं हुआ है। बदख्शां में हालिया संघर्ष और कई नए संगठनों की … Read More

लोकतंत्र पर भारी धन और बाहुबल

जिस लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का वोट होना चाहिए था वहां धनबल, बाहुबल और राजनीतिक संरक्षण सत्ता की नई करेंसी बनते जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में वामपंथी … Read More