न्याय के मंदिर में संवेदना का क्षय

भारत के संविधान की प्रस्तावना में न्याय, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक को सबसे पहले स्थान दिया गया है। यह कोई संयोग नहीं था। संविधान निर्माताओं को पता था कि लोकतंत्र … Read More

आपदा की भरमार, विकास की धार

धारचूला विधानसभा ऐसा क्षेत्र है जो सीमांत इलाके से जुड़ा हुआ है। सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण इस इलाके के लोग अपनी दुर्लभतम जिंदगी जीने के लिए जाने जाते हैं। … Read More

मरता हुआ लोकतंत्र

20 जुलाई 2026। देश की राजधानी दिल्ली। एक ओर संसद, दूसरी तरफ अपने भविष्य के लिए संघर्ष करते हजारों छात्र। सड़कों पर पुलिस, रोती हुई छात्राएं, हिरासत में लिए गए … Read More

बीजिंग से पलायन चीन के विकास मॉडल की नई चुनौती

जिस बीजिंग को कभी सफलता, समृद्धि और अवसरों का प्रतीक माना जाता था, आज वहीं से बड़ी संख्या में युवा बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे हैं। महंगाई, घटते रोजगार, … Read More

क्या मसूरी एक और बड़े प्रयोग के लिए तैयार है?

उत्तराखण्ड सरकार पर्यटन नगरी मसूरी के लिए मेट्रो रोपवे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना लेकर आई है। दावा है कि इससे वर्षों पुरानी जाम की समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा और आधुनिक … Read More

प्राचीन इन्द्रप्रस्थ में शुरू सियासी जंग

आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले रामनगर में राजनीतिक हलचल चरम पर है। भाजपा और कांग्रेस दोनों टिकट चयन को लेकर गहरे अंतर्विरोधों से जूझ रही हैं। एक ओर पुराने … Read More

फीफा का सरताज बना स्पेन

स्पेन की फीफा विश्व कप 2026 की जीत केवल एक खिताब नहीं बल्कि बेहतरीन योजना, मजबूत फुटबाॅल प्रणाली और युवा खिलाड़ियों पर भरोसे का परिणाम है। अर्जेंटीना को हराकर दूसरी … Read More

खतरे में भारत का ओलम्पिक टिकट?

भारतीय टीम के लिए लाॅस एंजिल्स ओलम्पिक 2028 का रास्ता अभी खुला है लेकिन लगातार हार ने उसकी चुनौती बढ़ा दी है। 31 दिसम्बर 2026 की आईसीसी टी-20 रैंकिंग में … Read More

‘मुगैम्बो’ से ‘पुष्पा’ तक : क्यों बदल गया हिंदी सिनेमा का खलनायक? हीरो नहीं, विलेन बदल गया

एक समय हिंदी फिल्मों का खलनायक तस्कर, डाकू, स्मगलर या भ्रष्ट जमींदार होता था और नायक नैतिकता का प्रतीक लेकिन आज ‘पुष्पा’, ‘केजीएफ’, ‘एनिमल’ और ‘कबीर सिंह’ जैसे किरदारों की … Read More

क्या विपक्षी कुनबे में मचेगी भगदड़?

देश की राजनीति में इन दिनों संसद के भीतर दो-तिहाई बहुमत के गणित को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल की राज्यसभा की तीन सीटों पर उपचुनाव की … Read More

हाशिए पर मनीष तिवारी!

पंजाब विधानसभा चुनाव में अभी एक साल का समय शेष है लेकिन राजनीतिक दल ने अभी से अपने-अपने कील कांटे दुरुस्त करने शुरू कर दिए हैं। इन तैयारियों के बीच … Read More

अर्णव ने जगाई नई उम्मीद

विंबलडन में भारत की यात्रा संघर्ष और गौरव की कहानी रही है। रामनाथन कृष्णन ने इसकी मजबूत नींव रखी जबकि लिएंडर पेस, महेश भूपति और सानिया मिर्जा ने डबल्स में … Read More

समान व्यवस्था या अल्पसंख्यकों पर निगरानी

एक जुलाई 2026 से उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बन गया है जिसने मदरसा बोर्ड को समाप्त कर सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए एक समान वैधानिक व्यवस्था लागू कर … Read More

‘दीवार’ से ‘उरी’ तक बदल गई हिंदी सिनेमा की राजनीति

वर्ष 1970 के दशक में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, मजदूर आंदोलनों और व्यवस्था से मोहभंग ने हिंदी सिनेमा को ‘एंग्री यंग मैन’ दिया। ‘जंजीर’, ‘दीवार’, ‘नमक हराम’ और ‘रोटी कपड़ा और … Read More

क्या शांति वार्ता को खून से रोकने की कोशिश हुई?

स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान वार्ता के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की कथित हत्या की साजिश के दावे ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल मचा दी … Read More