सीमांत में हुआ साहित्य-संस्कृति का संगम
युवाओं को मोबाइल से हटाकर किताबों की दुनिया में ले जाने के उद्देश्य से पहाड़ों पर ‘किताब कौतिक’ के आयोजन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। टनकपुर, चंपावत, बैजनाथ के बाद … Read More
युवाओं को मोबाइल से हटाकर किताबों की दुनिया में ले जाने के उद्देश्य से पहाड़ों पर ‘किताब कौतिक’ के आयोजन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। टनकपुर, चंपावत, बैजनाथ के बाद … Read More
संतोष सिंह जनपद चमोली की प्रसिद्ध ऊर्गमघाटी में विश्व पर्यावरण दिवस पांच जून को 26वां गौरा देवी पर्यावरण प्रकृति पर्यटन विकास मेला भव्य रूप में मनाया गया। इस वर्ष मेले … Read More
साहित्य, संस्कृति और राजनीति में समान रूप से पकड़ रखने वाले उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्मयंत्री और केंद्रीय मंत्री रहे डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ अक्सर चर्चाओं के केंद्र में रहते हैं। … Read More
वृंदा यादव ‘लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती और कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती’ कविता की इन्हीं पंक्तियों को चरितार्थ कर दिखाया है … Read More
पुस्तक-समीक्षा कविता करना अक्सर मुश्किल भरा काम होता है लेकिन इस मुश्किल भरे काम को सहज बनाने का काम किया है पेशे से पत्रकार भक्त दर्शन पांडेय ने। उन्होंने अपने … Read More
मृत्यु सबसे बड़ा सत्य है। जाना सबने है, लेकिन किसी इंसान का समय से पहले चले जाना बहुत पीड़ादायक होता है। प्रेम भारद्वाज जी के साथ ‘दि संडे पोस्ट’ में एक दशक … Read More
दशकों पहले एक कवितानुमा कुछ पढ़ा था, तंज था उन बुद्धिजीवियों पर जो महंगी शराब, वातानुकूलित कमरों और अन्य सभी प्रकार की विलासिता का संपूर्ण भोग करते हुए किसानों की … Read More