अपने रचना संसार में जीवित रहेंगे प्रेम भारद्वाज

मृत्यु सबसे बड़ा सत्य है। जाना सबने है, लेकिन किसी इंसान का समय से पहले चले जाना बहुत पीड़ादायक होता है। प्रेम भारद्वाज जी के साथ ‘दि संडे पोस्ट’ में एक दशक … Read More

संपादकीय ┃ चेतने का समय आ गया

दशकों पहले एक कवितानुमा कुछ पढ़ा था, तंज था उन बुद्धिजीवियों पर जो महंगी शराब, वातानुकूलित कमरों और अन्य सभी प्रकार की विलासिता का संपूर्ण भोग करते हुए किसानों की … Read More

स्वयं प्रकाश, जिन्होंने अपनी कहानियों में भारतीय जीवन के मर्म को उकेरा

गत पखवाड़े ही ‘पाखी महोत्सव’ में जे .सी. जोशी स्मृति शब्द साधक शिखर सम्मान से नेवाजे गए प्रख्यात कथाकार स्वयं प्रकाश का आज सुबह ,मुम्बई में निधन हो गया। कथाकार … Read More