संपादकीय ┃ चेतने का समय आ गया
दशकों पहले एक कवितानुमा कुछ पढ़ा था, तंज था उन बुद्धिजीवियों पर जो महंगी शराब, वातानुकूलित कमरों और अन्य सभी प्रकार की विलासिता का संपूर्ण भोग करते हुए किसानों की … Read More
दशकों पहले एक कवितानुमा कुछ पढ़ा था, तंज था उन बुद्धिजीवियों पर जो महंगी शराब, वातानुकूलित कमरों और अन्य सभी प्रकार की विलासिता का संपूर्ण भोग करते हुए किसानों की … Read More
देश की राजधानी में ही यदि निजाम की निजामत न रहे तो उसकी साख पर सवाल उठने लाजिमी हैं। गत् सप्ताह दिल्ली में एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की … Read More