संपादकीय ┃ चेतने का समय आ गया
दशकों पहले एक कवितानुमा कुछ पढ़ा था, तंज था उन बुद्धिजीवियों पर जो महंगी शराब, वातानुकूलित कमरों और अन्य सभी प्रकार की विलासिता का संपूर्ण भोग करते हुए किसानों की … Read More
दशकों पहले एक कवितानुमा कुछ पढ़ा था, तंज था उन बुद्धिजीवियों पर जो महंगी शराब, वातानुकूलित कमरों और अन्य सभी प्रकार की विलासिता का संपूर्ण भोग करते हुए किसानों की … Read More
जामिया में गुरुवार को दोपहर 2 बजे के आस-पास गोली चलाने वाला गोपाल खुद को रामभक्त और कट्टर हिंदू बताता है। इसकी पुष्टि उसके फेसबुक वॉल से हुआ। पिछले 5-6 … Read More
जामिया में हुए गोलीबारी के बाद वहां के छात्र यूनिवर्सिटी के सामने जमे हुए हैं। छात्र आज एनआरसी के खिलाफ प्रोटेस्ट करते हुए राजघाट जाने वाले थे। लेकिन जिस तरह … Read More