ये कहां आ गए हम…9
माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर। कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर।। … Read More
माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर। कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर।। … Read More
मेरी बात वर्ष 1950 में भारतीय संविधान को अंगीकृत करते समय इसकी प्रस्तावना में कहा गया था कि ‘हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-130 राजीव गांधी ने विश्वनाथ प्रताप सिंह को सत्ता से बेदखल करने की जिद् चलते चंद्रशेखर सरकार को केंद्र में स्थापित तो कर डाला था लेकिन इस … Read More
मेरी बात संवेदनहीनता की पराकाष्ठा और लोकतंत्र के स्वघोषित चौथे स्तंभ का सत्ता समक्ष लमलेट हो जाना क्या यह प्रमाणित करने के लिए काफी नहीं है कि आजाद भारत की … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-129 अगस्त, 1990 में इराक द्वारा कुवैत पर कब्जा करने के बाद खाड़ी युद्ध की शुरुआत हो गई। इस युद्ध के चलते तेल की कीमतों में भारी … Read More
मेरी बात पच्चीस जनवरी 1987 के दिन हिंदी फिल्म निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर द्वारा निर्मित और निर्देशित टीवी धारावाहिक ‘रामायण’ का प्रसारण दूरदर्शन पर शुरू हुआ था। यह धारावाहिक भारतीय टेलीविजन … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-128 बाईस अक्टूबर, 1990 की मध्य रात्रि के बाद आडवाणी को बिहार के समस्तीपुर में गिरफ्तार कर लिया गया था। रथयात्र रोके जाने और आडवाणी की गिरफ्तार … Read More
मेरी बात आजादी उपरांत अंगीकृत किए गए संविधान में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की नीयत से कई प्रावधान किए गए। उद्देश्य था नाना प्रकार की विविधता वाले देश में शांति … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-127 इस रथयात्रा के साथ आडवाणी ने इतिहास को फिर से परिभाषित करने और उत्तर भारत के भीतरी इलाकों की लोककथाओं को दृढ़ता से हिंदुत्व के नजरिए … Read More
मेरी बात संसद का शीतकालीन सत्र नाना प्रकार के हंगामों की भेंट चढ़ कुछ सार्थक कार्य, संवेदनशील मुद्दों पर बहस अथवा कुछ भी रचनात्मक-सृजनात्मक किए बगैर समाप्त हो गया। इस … Read More
मेरी बात चौदह दिसम्बर के दिन लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘संविधान की 75 वर्ष की गौरव यात्रा’ विषय पर आयोजित चर्चा के दौरान देश के सम्मुख 11 संकल्प … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-126 देवीलाल की बर्खास्तगी के बाद विश्वनाथ प्रताप सिंह ने अपनी राजनीतिक ताकत को बढ़ाने और अपनी सरकार का अस्तित्व बचाए रखने के लिए एक ऐसा दांव … Read More
मेरी बात हमारा संविधान स्पष्ट कहता है कि हम एक पंथनिरपेक्ष राज्य है। यह देश सभी धर्मों को एक समान मान्यता और सम्मान देने वाला देश हैं। हमारे संविधान के … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-125 कश्मीरी पंडितों पर जुल्म की इंतिहा का सबसे भयावह उदाहरण एक महिला शिक्षक गिरजा टिक्कू का है, जिनके साथ पहले तो सामूहिक बलात्कार 4 जून, 1990 … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-124 बतौर प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का अधिकांश समय जनता दल के आंतरिक झगडों को निपटाने और अपनी कुर्सी बचाए रखने की जद्दोजहद में बर्वाद होता था। … Read More