ये कहां आ गए हम…5

मेरी बात आजादी उपरांत अंगीकृत किए गए संविधान में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की नीयत से कई प्रावधान किए गए। उद्देश्य था नाना प्रकार की विविधता वाले देश में शांति … Read More

सुप्रीम कोर्ट को सलाम

मेरी बात भारत में कानून द्वारा स्थापित किसी प्रक्रिया के अलावा कोई भी व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को उसके जीवित रहने के अधिकार और निजी स्वतंत्रता से वंचित नहीं कर … Read More

सोच में बदलाव की जरूरत-1

मेरी बात बदलाव प्रकृति का नियम है। समय हमेशा एक समान नहीं रहता। व्यक्ति के लिए भी और समाज के लिए भी। जिस प्रकार ठहरा हुआ पानी गंधला और बहता … Read More

इतिहास हमेशा आंशिक सत्य मात्र होता है

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-9   इतिहास के जरिए वर्तमान को समझा जा सकता है, यहां तक की भविष्य की घटनाओं का शर्तिया अनुमान तक लगाया जा सकता है। यह स्थापित … Read More