विनाश के संकेत देता विकास

सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बार-बार उत्तराखण्ड में इस तरह के हादसे क्यों हो रहे हैं? क्या यह पर्यावरण से छेड़छाड़ का नतीजा है या काम में लापरवाही का? … Read More

इतिहास बदलने की बेफिजूल कवायद

यह स्थापित सत्य है कि अतीत को बदला नहीं जा सकता है, छिपाने और भुलाने का प्रयास अवश्य किया जा सकता है। इतिहास हमें अतीत में हुई घटनाओं के जरिए … Read More

इतिहास हमेशा आंशिक सत्य मात्र होता है

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-9   इतिहास के जरिए वर्तमान को समझा जा सकता है, यहां तक की भविष्य की घटनाओं का शर्तिया अनुमान तक लगाया जा सकता है। यह स्थापित … Read More

 ब्रिटिश हुकूमत से मुसलमानों का मोहभंग होना 

पिचहत्तर बरस का भारत-6   वर्तमान समय को ग्लोबलाइजेशन का, वैश्वीकरण का, दौर कहा जाता है। पूरी दुनिया के एक विशाल गांव में बदल जाने का समय। ऐसा समय जब … Read More

 गांधी और जिन्ना की पहली ‘अप्रिय’ मुलाकात

पिचहत्तर बरस का भारत-5 महात्मा गांधी 1915 में दक्षिण अफ्रीका से वापस भारत लौट कर आ गए थे। उनकी कीर्ति और अफ्रीका में अश्वेत लोगों के लिए किए गए उनके … Read More

दिल मिल रहे हैं तो सरनेम से क्या फर्क पड़ता है

शादी के बाद लड़की सरनेम बदले या नहीं, इस वाक्य से ही मन खटकने सा लगता  है। क्योंकि नाम बदलने का सारा दारोमदार लड़की के ऊपर ही थोपा जा रहा … Read More

सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के मामले में अधिवक्ता प्रशांत भूषण दोषी करार

नई दिल्ली। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के मामले में दोषी करार दिया गया है। इसके लिए उन्हें क्या सजा होनी चाहिए, इसका फैसला 20 अगस्त … Read More