कामचलाऊ सरकार और संविधान सभा का गठन
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-32 देश में बढ़ रहे साम्प्रदायिक तनाव से चिंतित भारत मामलों के मंत्री पेथक लारेंस ने वायसराय वैवेल को जिन्ना संग वार्ता करने का सुझाव दिया जिसे … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-32 देश में बढ़ रहे साम्प्रदायिक तनाव से चिंतित भारत मामलों के मंत्री पेथक लारेंस ने वायसराय वैवेल को जिन्ना संग वार्ता करने का सुझाव दिया जिसे … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-31 सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु के बाद आजाद हिंद फौज के नेताओं पर दिल्ली के लाल किले में मुकदमा शुरू किया गया। यह मुकदमें खुली अदालत … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-29 वर्ष 1945 की शुरुआत मित्र शक्तियों (एलीज पावर) के मजबूत और धुरी राष्ट्रों (एक्सिस पावर) के कमजोर होने से हुई। 30 अप्रैल, 1945 को हिटलर ने … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-25 कांग्रेस और मुस्लिम लीग के मधय तेजी से बढ़ रहे अविश्वास का सीधा लाभ द्वितीय विश्व युद्ध से त्रस्त ब्रिटिश साम्राज्य को मिल रहा था। जिन्ना … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-24 द्वितीय विश्व युद्ध में बगैर भारतीय पक्ष से सलाह-मशविरा किए ब्रिटिश भारत को युद्ध में शामिल किए जाने का पुरजोर विरोध करते हुए कांग्रेस नेतृत्व वाली … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-23 स्वतंत्रता संग्राम में 1930 से 1940 का दशक बेहद उथल-पुथल का दशक रहा है। इन दस बरसों के दौरान कांग्रेस और मुस्लिम लीग के मध्य … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-22 वर्ष 1936 में अंबेडकर अपने राजनीतिक दल ‘इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी’ का गठन किया और 1937 में हुए चुनावों में उनके दल ने केंद्रीय सभा के … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत-भाग-8 जलियांवाला बाग कांड ने पूरे पराधीन भारत को झकझोर कर रख दिया था। रॉलेट एक्ट और इस कांड के चलते ब्रिटिश हुकूमत 1919 के अंत … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत-5 महात्मा गांधी 1915 में दक्षिण अफ्रीका से वापस भारत लौट कर आ गए थे। उनकी कीर्ति और अफ्रीका में अश्वेत लोगों के लिए किए गए उनके … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत- 4 हिंदू-मुस्लिम एकता के सर्वश्रेष्ठ राजदूत लॉर्ड कर्जन के बाद भारत के वायसराय बने लॉर्ड मिण्टो ब्रिटिश भारत में तेज हो रही राजनीतिक चेतना के नतीजों … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत -2 इतिहास का ईमानदार मूल्यांकन भविष्य के लिए स्पष्ट संकेत पाने का शर्तिया सही तरीका है। जरूरत लेकिन निष्पक्ष मूल्यांकन की है। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ … Read More