घात-प्रतिघात की राजनीति का दौर

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-25 कांग्रेस और मुस्लिम लीग के मधय तेजी से बढ़ रहे अविश्वास का सीधा लाभ द्वितीय विश्व युद्ध से त्रस्त ब्रिटिश साम्राज्य को मिल रहा था। जिन्ना … Read More

वंदे मातरम् विवाद और जिन्ना

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-24 द्वितीय विश्व युद्ध में बगैर भारतीय पक्ष से सलाह-मशविरा किए ब्रिटिश भारत को युद्ध में शामिल किए जाने का पुरजोर विरोध करते हुए कांग्रेस नेतृत्व वाली … Read More

हिंदू-मुस्लिम एकता के सर्वश्रेष्ठ राजदूत

पिचहत्तर बरस का भारत- 4   हिंदू-मुस्लिम एकता के सर्वश्रेष्ठ राजदूत लॉर्ड कर्जन के बाद भारत के वायसराय बने लॉर्ड मिण्टो ब्रिटिश भारत में तेज हो रही राजनीतिक चेतना के नतीजों … Read More

लम्हों ने खता की, सदियों ने सजा पाई

 पिचहत्तर बरस का भारत -2 इतिहास का ईमानदार मूल्यांकन भविष्य के लिए स्पष्ट  संकेत पाने का शर्तिया सही तरीका है। जरूरत लेकिन निष्पक्ष मूल्यांकन की है। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ … Read More