जिन्ना और उनकी राष्ट्रवादी सोच

पिचहत्तर बरस का भारत भाग-3 उन्नीस सौ सैंतालीस के विभाजन की भूमिका तो दशकों पहले से ही लिखी जानी और बनाई जाने लगी थी, 1937 से 1947 का दशक इस … Read More

लम्हों ने खता की, सदियों ने सजा पाई

 पिचहत्तर बरस का भारत -2 इतिहास का ईमानदार मूल्यांकन भविष्य के लिए स्पष्ट  संकेत पाने का शर्तिया सही तरीका है। जरूरत लेकिन निष्पक्ष मूल्यांकन की है। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ … Read More