सही कदम का समर्थन जरूरी

मेरी बात वैचारिक प्रतिबद्धता के बोझ तले दबकर हम बहुदा इतने दृष्टि बाधित हो जाते हैं कि अपने वैचारिक विरोधियों के सही प्रयासों को भी हर कीमत गलत साबित करने … Read More

हाशिमपुरा का नग्न सत्य

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-116 दैनिक ‘नवभारत टाइम्स’ में समाचार प्रकाशित करा पाने में विफल रहे विभूति नारायण राय ने साप्ताहिक समाचार-पत्र ‘चौथी दुनिया’ से सम्पर्क साधा, तब कहीं जाकर हाशिमपुरा … Read More

बड़ी रौनक थी इस घर में

मेरी बात बड़ी रौनक थी इस घर में, ये घर ऐसा नहीं था, गिले-शिकवे भी रहते थे, मगर ऐसा नहीं था। जहां कुछ शीरीं बातें थीं, वहीं कुछ तल्ख़ बातें … Read More

तुष्टिकरण की राजनीति और राजीव

पिहत्तर बरस का भारत/भाग-115 राजीव गांधी के इस सख्त कदम से सहमी जयवर्धने सरकार ने तमिल समस्या का हल तलाशने में भारत के प्रयासों को वैधानिक रूप देते हुए भारत … Read More

हिंदुत्ववादी शक्तियों के उभार का दौर

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-114   हालांकि बतौर वित्तमंत्री वी.पी. सिंह के ‘रेड राज’ से नाराज उद्योगपतियों और उनके समर्थक वर्ग ने वी.पी. के इस्तीफे को सही ठहराया था और राहत … Read More

संतुलन साधने की सफल कूटनीति

मेरी बात सोवियत संघ के विघटन बाद 24 अगस्त 1991 को यूक्रेन एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आया था। किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने बीते 33 वर्षों … Read More

वी.पी. सिंह के नायकत्व का दौर

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-113   पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना के नाती उद्योगपति नुस्ली वाडिया का धीरूभाई संग छत्तीस का आंकड़ा रहा करता था। राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने … Read More

सत्ता विकेंद्रीकरण का दौर

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-112 राजीव गांधी सत्ता के विकेंद्रीकरण के प्रबल पक्षधर थे। पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा उनके शासनकाल की देन और प्रमुख उपलब्धियों में से एक है। … Read More

सिर्फ विरोध के लिए विरोध जायज नहीं

‘‘मैं हमेशा विपक्ष के पक्ष में हूं लेकिन यह एक स्वस्थ विपक्ष होना चाहिए। लेकिन आज हमने सुना कि सिर्फ विरोध के लिए विरोध होना चाहिए और सरकार के खिलाफ … Read More

तनाव, तकरार और तलाश

मेरी बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2025 में पिचहत्तर बरस के हो जाएंगे। उनका पिचहत्तरवां जन्म दिन राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है। इतना अहम की इसने मोदी के उत्तराधिकारी की … Read More

यानी हुजू़र बेज़मीर हो गए

मेरी बात सैय्यद अली रज़ा उर्फ मंज़र भोपाली साहब से परिचय बहुत देर से हुआ। परिचय से तात्पर्य उनकी शायरी, ग़ज़ल, नज़्म इत्यादि से है। कुछ दिन हुए आभासी संसार … Read More

व्यापक सुधारों का दौर

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-111 संयुक्त प्रांत सरकार ने समूचे परिसर को सील करने का आदेश जारी कर माहौल को तात्कालिक तौर पर शांत करने का प्रयास किया। 1986 तक यही … Read More

अलोकतांत्रिक लोकशाही और ट्रम्प

मेरी बात संयुक्त राज्य अमेरिका इस वर्ष के अंत में अपना नया राष्ट्रपति चुनेगा। इन दिनों विश्व भर की निगाहें इस अति महत्वपूर्ण चुनाव पर यूं ही नहीं टिकी हैं। अमेरिका … Read More

जो खानदानी रईस हैं वो…

मेरी बात जो खानदानी रईस हैं वे मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई-नई है ज़रा सा क़ुदरत ने क्या नवाज़ा की आके बैठे … Read More

राजीव की भूल

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-110 राजीव गांधी शुरुआत में इस फैसले के पक्ष में थे। संसद में उन्होंने अपने करीबी मंत्री आरिफ मोहम्मद खान को सरकार की तरफ से इस फैसले … Read More