बुनियाद दरकने के संकेत

गत् सप्ताह सात राज्यों की तेरह विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आने बाद विपक्षी दलों ने एक सुर में भाजपा के कमजोर होने का राग अलापना शुरू कर … Read More

शाहबानो प्रकरण और राजीव

             अपूर्व editor@thesundaypost.in ‘आसू’ नेताओं ने इस समझौते के बाद अपनी राजनीतिक पार्टी ‘असम गण परिषद्’ का गठन कर अक्टूबर, 1985 में हुए विधानसभा चुनाव … Read More

बिहार की राह पर उत्तराखण्ड

मेरी बात बिहार और उत्तराखण्ड में कई ऐसी समानताएं हैं जो इन दो राज्योें को बेहद समृद्ध और यहां के मूल निवासियों को अपनी-अपनी जन्मभूमि पर गर्व करने का कारण बनती … Read More

राजीव-लोंगोवाल समझौता

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-108 राजीव सरकार के समक्ष पहला बड़ा संकट मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से आया। तब मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और वरिष्ठ नेता अर्जुन … Read More

फिर संविधान का आया ध्यान

मेरी बात मैं भारत का संविधान हूं, लालकिले से बोल रहा हूं मेरा अंतर्मन घायल है, दुःख की गांठें खोल रहा हूं… मेरे वादे समता के हैं दीन दुखी से … Read More

सिखों संग न्याय न कर पाए राजीव

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-107 मारवाह को इस जांच को पूरी करने से रोकने के बाद राजीव गांधी सरकार ने उन्हें प्रौन्नत कर दिल्ली पुलिस कमिश्नर बनाया था। वे 1985 से … Read More

नई सम्भावनाएं, पुरानी आशंकाएं

मेरी बात  चार जून को आए आम चुनाव नतीजों बाद एक बार फिर से केंद्र सरकार द्वारा 1 जुलाई से लागू किए जा रहे तीन आपराधिक कानूनों को स्थगित कर पहले … Read More

राजीव युग का प्रारम्भ

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-106 जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की स्थापना 1969 में उनके प्रधानमंत्रित्वकाल की ही देन थी। नेहरू की गुटनिरपेक्ष नीति को इंदिरा गांधी ने अमेरिका के सख्त ऐतराज के … Read More

संकट में मोदी, भाजपा और संघ-2

मेरी बात ‘संघ शक्ति कलियुगे’ (वर्तमान समय में संगठन ही शक्ति है) के मूल मंत्र पर चलने वाले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का संकट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस कार्यशैली … Read More

इंदिरा युग का अंत

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-105   ‘आसू’ के अलावा बोडोलैंड की मांग कर रही बोडो जनजाति भी गैर-असमी मुद्दे को लेकर राज्य में सक्रिय थी। विधानसभा चुनाव कराए जाने के निर्णय … Read More

संकट में मोदी, भाजपा और संघ-1

मेरी बात   आम चुनाव 2024 का जनादेश मेरे लिए खासा चौंकाने वाला है। हालांकि राष्ट्रीय राजधानी से कोसों दूर उत्तराखण्ड के पहाड़ों में बैठा मैं इस चुनाव के दौरान … Read More

फिर से निरंकुशता की राह पर इंदिरा

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-104   चौबीस मई, 1984 को अकाली नेताओं द्वारा पंजाब से देश को भेजे जाने वाले अन्न रोके जाने और केंद्र एवं राज्य सरकार के साथ पूर्ण … Read More

विवेकानंद शिला का चमत्कार!

मेरी बात Communalism bigotry and its terrible descendant, fanaticism, have long taken over this  beautiful earth. Thay have filled the earth with violence, drenched it again and again with human … Read More

चरम पर जा पहुंचा खालिस्तानी आंदोलन

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-103 अकाली दल को कमजोर करने के लिए भिंडरावाला को आगे बढ़ाने वाले ज्ञानी जैल सिंह लाला जगतनारायण की हत्या, भिंडरावाला के समर्थकों द्वारा निर्दोष हिंदुओं का … Read More

भाजपा का जन्म और उग्र हिंदुत्व

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-102 वर्ष 1980 में कांग्रेस के हाथों मिली शिकस्त के बाद यह मुद्दा तब फिर से गर्मा गयाए जब जनता पार्टी की कार्य समिति ने एक प्रस्ताव … Read More