पुरानी बीमारी, नई मिसाल

भारत जैसे विविधता भरे लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) के तहत यह मौलिक अधिकार हर नागरिक … Read More

धर्म, जाति और बिखरता भारत

हम एक ऐसे समय में प्रवेश कर चुके हैं जहां भारत के संविधान की आत्मा, समाज के बुनियादी ढांचे और धार्मिक-सामाजिक चेतना के बीच निरंतर टकराव हो रहा है। संविधान … Read More

हम भ्रष्ट खुदा के भी खिलाफ हैं

आज जब गली-कूचों से निकलने वाले अखबार, पोर्टल से लेकर बड़े मीडिया हाउसों तक काॅरपोरेट और सत्ता की गोद में बैठे सपष्ट नजर आ रहे हैं, तब सुरेंद्र प्रताप सिंह … Read More

पिचहत्तर बरस का भारत/ भाग-143 : राव का अवसान काल-4

यह सरकार भी अपना कार्यकाल पूरी नहीं कर पाई थी और मात्र तेरह माह बाद गठबंधन में शामिल एक दल के अलग होने चलते सरकार ने लोकसभा में अपना बहुमत … Read More

न्यायिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संतुलन

पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ का विवादों  संग नाता उनकी सेवानिवृत्ति बाद भी नहीं छूट रहा है। ताजा विवाद की शुरुआत पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राकेश कुमार के … Read More

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-142 : राव का अवसान काल-3

विनीत नारायण ने सुप्रीम कोर्ट के इस रवैये पर तब प्रश्न उठाते हुए पूछा था- ‘‘जब मेरी याचिका में मांग थी कि कश्मीर के आतंविादियों को विदेशों से धन आने … Read More

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-141 : राव का अवसान काल-2

जैन हवाला डायरी कांड यूं तो अब पूरी जांच प्रक्रिया और न्यायिक प्रणाली से गुजर इतिहास के पन्नों में दफन हो चुका है, इस कांड का सच न तो इस … Read More

गांधी तुम बहुत याद आते हो

मुझको मंदिर-मस्जिद बहुत डराते हैं, ईद-दिवाली भी डर-डर कर आते हैं मेरे कर में है प्याला हाला का, मैं वंशज हूं दिनकर और निराला का मैं बोलूंगा चाकू और त्रिशूलों … Read More

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-140: राव का अवसान काल-1

वर्ष 1994 में एक तरफ राव की सफल आर्थिक नीतियों का असर दिखने लगा था और अंतरराष्ट्रीय फलक पर प्रधानमंत्री का कद नई ऊंचाइयों को छू रहा था तो दूसरी … Read More

हम भी देखेंगे

जब लाजिम है कि हम भी देखेंगे वो दिन कि जिसका वादा है जो लौह-ए-अजल में लिखा है जब जुल्म-ओ-सितम के कोह-ए-गिरां रुई की तरह उड़ जाएंगे हम महकूमों के … Read More

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-139 : बसपा का उदयकाल

लोहिया का प्रयोग असफल रहा लेकिन कांशीराम ने लोहिया के प्रयोग में सुधार करते हुए केवल दलित जातियों को एकजुट करने और उनमें राजनीतिक चेतना उभारने का काम सफलतापूर्वक कर … Read More