अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और न्यायपालिका
उत्तराखण्ड के कोटद्वार से निकला और देशभर के जनमानस को झकझोरने वाला ‘मोहम्मद दीपक’ मामला एक साधारण प्रकरण नहीं है बल्कि यह उस जटिल लोकतांत्रिक विमर्श का हिस्सा बन जाता … Read More
उत्तराखण्ड के कोटद्वार से निकला और देशभर के जनमानस को झकझोरने वाला ‘मोहम्मद दीपक’ मामला एक साधारण प्रकरण नहीं है बल्कि यह उस जटिल लोकतांत्रिक विमर्श का हिस्सा बन जाता … Read More
मैं उत्तराखण्ड का रहने वाला हूं। रानीखेत में पैदा हुआ, वहीं पला-बढ़ा और फिर जीवन की जरूरतों ने मुझे प्रवासी बना दिया। लेकिन अपनी मातृभूमि का मोह ऐसा है कि … Read More
अपूर्व जोशी पार्क के कोने में/घास के बिछौने पर लेटे-लेटे हम अपनी प्रेयसी से पूछ बैठे/क्यों डियर! डेमोक्रेसी क्या होती है?/वह बोलीं- तुम्हारे वादों जैसी होती है!/इंतजार में, बहुत तड़पाती … Read More
हाल ही में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा द वाॅयस ऑफ हिंद रजब (The Voice of Hind Rajab) पर लगाया गया प्रतिबंध एक साधारण प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि एक व्यापक … Read More
भारतीय न्याय व्यवस्था की मूलाधारा यह रही है कि न्याय केवल निष्पक्ष होना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि वह निष्पक्ष दिखाई भी देना चाहिए। यही वह सिद्धांत है जो अदालतों … Read More
न्यूयॉर्क की ताजा राजनीतिक हलचल केवल अमेरिका की बात नहीं है बल्कि यह दुनिया के तमाम लोकतंत्रों को दर्पण दिखाने का काम कर रही है। विश्व के सबसे प्रभावशाली शहर … Read More