कहानी उत्तराखण्ड के पहले पुस्तकालय ग्राम की
सुमन मिश्रा प्रबंध सम्पादक, सूफीनामा ‘रेख़्ता’ फाउंडेशन उत्तराखण्ड का पहला पुस्तकालय ग्राम जनपद रुद्रप्रयाग का मणिगुह गांव है। यह गांव उत्तराखण्ड के किसी भी … Read More
सुमन मिश्रा प्रबंध सम्पादक, सूफीनामा ‘रेख़्ता’ फाउंडेशन उत्तराखण्ड का पहला पुस्तकालय ग्राम जनपद रुद्रप्रयाग का मणिगुह गांव है। यह गांव उत्तराखण्ड के किसी भी … Read More
जनपद पिथौरागढ़ के कनालीछीना विकासखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र में राजकीय माध्यमिक जूनियर हाईस्कूल कमतोली नाम से एक विद्यालय स्थित है। इस विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी अपने गुरू यानी विज्ञान के … Read More
पिथौरागढ़ स्थित सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज लंबे समय से अपने कारनामों के लिए चर्चा में रहा है। कॉलेज की स्थापना के बाद से ही यहां एक के बाद एक अनियमितताओं का … Read More
विदेशों में ही ऐसा होता आया है जब किसी स्कूल में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षा को पुस्तक मैराथन का नाम दिया गया। इस परीक्षा के दौरान प्रतिभागियों को उनकी … Read More
‘अकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिल, मगर लोग मिलते गए कारवां बनता गया..’ मजरूह सुल्तानपुरी का यह शेर उत्तराखण्ड के पीसीएस अधिकारी हिमांशु कफल्टिया के मिशन एजुकेशन पर सटीक बैठता है। … Read More
कहते हैं कि पहाड़ का पानी और जवानी नीचे की ओर जाते हैं। लेकिन पहाड़ की बेटी बीना नेगी मिश्रा ने इसे गलत साबित कर दिखाया है। बीना ने अपने … Read More
डिलाईटियन गु्रप सत्तर के दशक में देहरादून के गांधी रोड स्थित घंटाघर के नजदीक डिलाईट रेस्त्रां की स्थापना हुई थी। तब से लेकर कोरोनाकाल तक यह रेस्त्रां बुद्धिजीवियों का … Read More
उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के बाद से ही पलायन बड़ा मुद्दा रहा है। यहां से रोजगार की तलाश में युवा महानगरों की ओर कूच कर रहे हैं। ऐसी ही एक युवा … Read More