उत्तराखण्ड में हुआ पहला पुस्तक मैराथन

विदेशों में ही ऐसा होता आया है जब किसी स्कूल में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षा को पुस्तक मैराथन का नाम दिया गया। इस परीक्षा के दौरान प्रतिभागियों को उनकी … Read More

शिक्षा व्यवस्था का भयावह सच

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कहते थे ‘बेडौल अक्षर अधूरी शिक्षा की निशानी हैं।’ उत्तराखण्ड में तो पूरी शिक्षा व्यवस्था ही बेडौल हो चली है। हालात इतने विकट हैं कि लगभग आठ … Read More