प्रतिरोध के स्वर और प्रेस

 पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-91   जनता पार्टी ने अपनी चुनावी रैलियों की शुरुआत दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा को आयोजित कर की। इस सभा को जयप्रकाश … Read More

बात निकली है तो…

मेरी बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गत् सप्ताह 19 फरवरी के दिन कांग्रेस के पूर्व नेता और धर्मगुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम के निजी कार्यक्रम में शामिल होने उत्तर प्रदेश के संभल … Read More

संविधान संग खिलवाड़ का दौर

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-90 अप्रैल 1976 में उच्चतम न्यायालय के एक निर्णय ने प्रधानमंत्री को असहज करने का काम किया। हालांकि यह निर्णय पूरी तरह से केंद्र सरकार के मनमाफिक … Read More

मैं इन नजारों का अंधा तमाशबीन नहीं

मेरी बात उत्तराखण्ड को हम उत्तराखण्डी बड़े अभिमान के साथ देवभूमि कह पुकारते हैं। असल में यह देवभूमि कम त्रासदियों की भूमि ज्यादा है। वर्ष दर वर्ष यहां कभी कथित … Read More

इंदिरा हटाओ-इंदरी बचाओ

 पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-89   सरकारी कर्मचारियों, डॉक्टर, नर्सों, स्कूल और कॉलेज के अध्यापकों, पुलिस के अफसरों के नसबन्दी लक्ष्य तय कर दिए गए थे। जो कोई भी अपने लक्ष्य … Read More

अंततः

मेरी बात आजादी के पिचहत्तर बरस बाद अन्ततः देश में समान नागरिक अचार संहिता बनाए जाने की शुरुआत हो ही गई। हमारे संविधान के निर्माताओं की मंशा को साकार रूप … Read More

‘जबरन नसबंदी से सहम गया था देश’

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-88 फौज इसी चलते बगावत पर उतर आई। शेख मुजीबुर के परिवार में मात्र एक पुत्री शेख हसीना बची रह पाईं जो इस हत्याकांड के समय घर … Read More

तेरी रहबरी पर मलाल है

मेरी बात गयालाल नाम के एक राजनेता हुआ करते थे। हरियाणा राज्य की होडल विधानसभा से वे 1967 में विधायक चुने गए थे। चुनाव जीते थे, वह भी बतौर निर्दलीय … Read More

लोकतंत्रा के चौथे स्तम्भ पर प्रहार

 पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-87   आपातकाल लागू होने के एक सप्ताह बाद 1 जुलाई, 1975 को प्रधानमंत्री ने देश की दशा और दिशा दुरुस्त करने का ऐलान करते हुए ‘20 … Read More

अपने-अपने राम

मेरी बात लबरेज़ है शराब-ए-हक़ीक़त से जाम-ए-हिंद सब फ़लसफ़ी हैं खित्ता-ए-मग़रिब के राम-ए-हिंद ये हिन्दियों की फ़िक्र-ए-फ़लक-रस का है असर रिफ़अत में आसमां से भी ऊंचा है बाम-ए-हिंद इस देस … Read More

मानवाधिकारों का गहराता संकट

मेरी बात वर्ष 1978 में अमेरिका के तीन नागरिकों ने एक गैर- सरकारी संगठन ‘हेलसिंकी वॉच’ का गठन विश्वभर में मानवाधिकारों की स्थिति सामने लाने के उद्देश्य से किया था। … Read More

संजय और उनकी मां का दौर

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-86   जेपी की रैली में गूंजे नारों की धमक इंदिरा तक उनकी खुफिया एजेंसियां लगातार पहुंचा रही थी। बगैर वक्त गंवाए प्रधानमंत्री आपातकाल लगाने का निश्चय … Read More

असमंजसता की जकड़ में अखिलेश

मेरी बात आजाद भारत का पहला आम चुनाव अक्टूबर 1951 से फरवरी 1952 के मध्य हुआ था। 489 सीटों के लिए हुए इस चुनाव में कांग्रेस को 364 सीटों पर … Read More

इंदिरा ही भारत है का दौर

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-85 छह मार्च को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को दबाव में लेने के लिए जेपी ने संसद घेराव कर दिया। इसी दिन शाम को एक विशाल जनसभा … Read More

असीमित संभावनाओं-आशंकाओं का वर्ष 2024

मेरी बात 2024 कोई सामान्य वर्ष नहीं है। यह वर्ष नाना प्रकार की संभावनाओं और आशंकाओं का वर्ष है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस वर्ष विश्व के कई महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक देशों … Read More