नए मुख्यमंत्री के नाम खुला खत

प्रिय श्री पुष्कर सिंह धामी जी, इंग्लैंड के राष्ट्रीय कवि का दर्जा पाए, विश्व विख्यात नाटककार, रंगकर्मी विलियम शेक्सपीयर के प्रसिद्ध नाटक ‘जुलियस सीज़र’ से आप अवश्य ही परिचत होंगे। … Read More

सही फैसलों की कठिन घड़ी

आदरणीय हरीश रावत जी, आपके घोर-विरोधी और कटु आलोचक भी इस बात को स्वीकारते हैं कि वर्तमान में उत्तराखण्ड की राजनीति में आपसे ज्यादा अनुभवी और जनाधार वाला नेता कोई … Read More

चलिए एक बोझा कम करें

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के एक राज्य ओरेगोन (Oregon) की एक गृहणी एजेंला स्कविन्डथ् (Angela schwindt) बच्चों पर अपने अध्ययन के लिए जानी जाती हैं। उनका एक कथन खासा प्रसिद्ध है-‘While … Read More

फिर जाति-जाति का होबे खेला

पांच राज्यों में अगले वर्ष की शुरुआत चुनाव लेकर आ रही है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश भी शामिल हैं जहां से भाजपा की कमंडल यात्रा शुरू हुई थी। 1980 … Read More

यह बादशाह का हुक्म है

संसद का मानसूत्र चल रहा है और लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में हर रोज एक नया तमाशा देखने को हम सभी अभिशप्त हैं। कोविड महामारी से अभी मुक्ति मिली … Read More

परशेप्शन मैनेजमेंट पर केंद्रित होती राजनीति

गत् सप्ताह प्रति दिन प्रातः होने वाली हमारी संपादकीय बैठक में कार्यकारी संपादक दाताराम चमोली जी ने एक बात कही जो भारतीय राजनीति की वर्तमान दशा और दिशा पर बड़ा … Read More

हम सभी कायर और क्रूर

समाजवादी चिंतक डाॅ. राममनोहर लोहिया ने साठ के दशक में नारा दिया था ‘संसोपा ने बांधी गांठ, पिछड़े पावें सौ में साठ’। संसोपा से तात्पर्य उनके राजनीतिक दल संयुक्त सोशलिस्ट … Read More

वादा तेरा वादा

इक्कीसवीं सदी का इक्कीसवां वर्ष आधा बीत चुका है। सात बरस पहले, 2014 में मई माह बाद देश का माहौल उत्साह से, उम्मीदों से लबरेज था। देश की सत्ता तबके … Read More

इन जलावतनियों की आवाज सुनो!

डाॅ. अग्निशेखर एक प्रखर कवि, विस्थापित कश्मीरी पंडितों के संगल ‘पनून कश्मीर’ के नेता एवं मेरे मित्र हैं। 21 जून को उन्होंने अपनी एक कविता ‘हम शरणार्थी’ फेसबुक में चस्पा … Read More

न्यायाधीशों को सलाम!

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 15 जून 2021 को जो ऐतिहासिक फैसला ‘पिंजरा तोड़’ संस्था से जुड़े छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की बेल पेटिशन पर सुनाया है वह दिल्ली के … Read More

परिपक्व भी, खरे भी

अगर राजनीति में वंशवाद की बहस छोड़ बात करूं तो मुझे राहुल गांधी बतौर व्यक्ति और राजनेता पसंद हैं। मैं उनकी स्पष्टवादिता का खासा कायल रहता आया हूं। भक्तगणों की … Read More

अब चारण-भाटों की बारी

पुरानी कहावत है – ‘अति सर्वत्र वर्जयेत्’। शायद आचार्य चाणक्य का यह कथन है। चाणक्य कहते हैं – अति रूपेण वै सीता, अतिगर्वेण रावणः, अतिदानाद् बलिर्बद्धो, ह्यति सर्वत्र वर्जयेत्। सीता … Read More

महामारी से मिले सबक

कोविड-19 उर्फ कोरोना ने मनुष्य और प्रकृति के मध्य का अंतर एक बार फिर से हमें समझाने का प्रयास किया है। हमारी लघुता, हमारे बौनेपन का अहसास प्रकृति नाना प्रकार … Read More

बर्बाद गुलिस्तां करने को…

उत्तर प्रदेश के शहर अयोध्या में जन्में मशहूर शायर रियासत हुसैन रिजवी का एक शेर खासा मशहूर है- ‘बर्बाद गुलिस्तां करने को एक ही उल्लू काफी है, हर शाख पर … Read More