कैसे इतना बदल गए केजरीवाल?

मेरी बात आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सार्वजनिक जीवन में सादगी और सुचिता की बात कभी किया करते थे। वे तड़क -भड़क से … Read More

समन्वयवाद के प्रबल पैरोकार थे शास्त्री

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-59   अगस्त, 1956 में उनके कार्यकाल के दौरान आंध्र प्रदेश के शहर महबूब नगर के निकट हुई एक बड़ी रेल दुर्घटना में 112 यात्रियों की मौत … Read More

शास्त्री की ईमानदारी के कायल थे नेहरू

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-58   वर्तमान उत्तर प्रदेश के शहर बनारस के निकट मुगलसराय (अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर) में 2 अक्टूबर, 1904 को एक निर्धन परिवार में शारदा प्रसाद … Read More

अहंकार चलते दरकती छवि

मेरी बात भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर यौन दुराचार के गंभीर आरोप इन दिनों सुर्खियों में हैं। आरोप भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर … Read More

 नेहरू के बाद कौन?

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-57 जवाहरलाल नेहरू के जीवनकाल में ही प्रश्न उठने लगे थे कि उनके बाद कौन उनकी राजनीतिक विरासत का वारिस होगा। इस प्रकार के प्रश्नों के लिए … Read More

नौ बरस का कुहासा

 मेरी बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की सत्ता में आरूढ़ हुए नौ बरस पूरे हो गए हैं। इन नौ वर्षों को भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री के प्रति अगाध … Read More

भारत की एकता के सूत्राधार थे नेहरू

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-56     जवाहरलाल नेहरू के प्रधानमंत्रित्व काल की खूबियों और कमियों के इस संक्षिप्त ब्योरे के बाद अब वापस लौटते हैं नेहरू की उस ‘भूल’ पर … Read More

संघीय व्यवस्था संग खिलवाड़

मेरी बात भारत एक गणराज्य है। इस गणराज्य का एक लिखित संविधान है। यह संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। इस संविधान में विस्तार से यह उल्लेख किया … Read More

नेहरू और परिवारवाद

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-55 नेहरू निश्चित ही लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित राजनेता थे लेकिन यह भी ऐतिहासिक सत्य है कि उनके शासनकाल के दौरान विभिन्न राज्यों की गैर कांग्रेसी … Read More

जश्न मनाने जैसा कुछ खास नहीं

मेरी बात   कर्नाटक में कांग्रेस की शानदार जीत और भाजपा की शर्मनाक हार के बाद कहा जा रहा है कि इस जीत ने कांग्रेस और विपक्ष को नया जीवन … Read More

‘‘राष्ट्रपति जवाहरलाल की जय’’

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-54   प्रतीक्षा करती हुई भीड़ के बीच से तेजी से गुजरते हुए राष्ट्रपति ने सिर उठाकर देखा, उनके साथ उठे और नमस्कार की मुद्रा में जुड़ … Read More

बोल कि लब आजाद हैं तेरे

मेरी बात वर्ष 1975 में आपातकाल लागू होने के साथ ही तत्कालीन सत्ताधीशों ने प्रतिरोध के हर स्वर को चुप कराने की मुहिम छेड़ दी थी। भारतीय समाचार पत्रों  (तब … Read More

कांग्रेस संगठन की आरामतलबी और भ्रष्टाचार

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-53 आजादी से आमजन के मोहभंग की शुरुआत नेहरूकाल के दौरान ही होने लगी थी। इस मोहभंग का एक बड़ा कारण कांग्रेस नेताओं की सुविधा लोलुपता, भ्रष्टाचार … Read More

सुशासन बाबू की कुशासन नीति

मेरी बात बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक समय में  ‘सुशासन बाबू’ कह पुकारा जाता था। नीतीश का राजनीति में प्रवेश बिहार छात्र आंदोलन की देन रहा। 1994 में बिहार … Read More

नेहरूकाल में नौकरशाही का दबदबा

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-52 नेहरू लेकिन आजादी पश्चात नौकरशाही में आवश्यक बदलाव-सुधार नहीं कर पाए। 1964 में अपनी मृत्यु से कुछ अर्सा पहले ही एक विदेशी पत्रकार ने जब उनसे … Read More