तपते पहाड़, जलते जंगल

उत्तराखण्ड के जंगल ट्टाू-ट्टाूकर जल रहे हैं। पहाड़ तप रहे हैं। चारों ओर धुआं ही धुआं है। दावाग्नि ने 10 लोगों को अपनी आगोश में ले लिया है। अल्मोड़ा के … Read More

सरकारी संरक्षण में काला कारोबार

भारत सरकार की ऑडिट एजेंसी कैग ने आखिरकार उत्तराखण्ड में वर्षों से चल रहे अवैध खनन कारोबार का कच्चा-चिट्ठा अपनी ताजातरीन ऑडिट रिपोर्ट में सामने ला ही दिया है। वर्ष … Read More

कुछ चर्चा एक आत्मकथा के बहाने

देश के ख्याति प्राप्त, प्रतिष्ठित उद्योगपति विजयपत सिंघानिया की आत्मकथा ‘एन इन्कम्पलीट लाइफ’ (An Incomplete Life) हमारी शासन प्रणाली और हमारे समाज में गहरे पसर चुके भ्रष्टाचार पर खुलकर प्रहार … Read More

अभिशाप है कमजोर हड्डी की राजनीति

आदरणीय हरीश रावत जी, कुमाऊं क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के समय आपका प्रभावित क्षेत्रों में जाना, जहां सरकारी तंत्र तमाम सुविधाओं के बावजूद पहुंच नहीं पा रहा है, … Read More

अडानी-अंबानी के हवाले वतन-1

हमारे मुल्क में करोड़ों की तादाद ऐसे नागरिकों की है जो पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कई करोड़ ग्रेजुएट भी होंगे। 10वीं एवं 12वीं तक स्कूली शिक्षा पाए असंख्य हैं। इसके बावजूद … Read More