2 अक्टूबर से प्लास्टिक को कहें बाय -बाय

देश में भूख मिटाने के लिए गरम-गरम खाने से लेकर ठंडे पानी तक प्लास्टिक की वस्तुओं के उपयोग से दिन -दिन बीमारियों का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। सिंगल यूज प्लास्टिक आइटम्स पर रोक की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश माननीय मो. रफीक द्वारा 29 सितंबर को प्लास्टिक हटाओ जनजीवन बचाओ पोस्टर का विमोचन किया गया। पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में न्यायाधीश सबीना, जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयपुर मदनगोपाल व्यास और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव अशोक कुमार जैन भी शामिल रहे। इस अवसर पर न्यायाधीश ने कहा कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में 2 अक्टूबर से चलाए जाने वाले अभियान प्लास्टिक ना बाबा ना स्वागत योग्य है। अभियान में जुड़ने वाले सहयोगियों व स्कूल के बच्चों को कपड़े व जूट के थैले एवं श्रमदान के लिए रबड़ के दस्ताने दिए जाएंगे। सदस्य सचिव जैन ने बताया कि अभियान में सिंगल यूज प्लास्टिक आइटम्स में पॉलीथीन, बैग्स, स्ट्रॉ, कप्स, प्लेट्स, छोटी बोतलें एवं विशेष प्रकार के पाउच शामिल हैं, जिन पर रोक लगाई जानी है। यह स्वच्छ भारत अभियान का भाग है।
टास्क फोर्स का गठन होगा 
इस अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तालुका विधिक सेवा समिति की ओर से अपने यहां टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर बनी टास्क फोर्स पूरे प्रदेश में अभियान संबंधी गतिविधियों- जागरूकता रैली, श्रमदान कार्यक्रम, प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक आदि का प्रभावी क्रियान्वयन जनसहभागिता से करेंगी। स्कूल-कॉलेजों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।
इसी अभियान के तहत एफएसएसएआई द्वारा फोर एंड फाइव स्टार होटल्स में सिंगल यूज़ प्लास्टिक की बोतल बंद पानी का उपयोग न करने के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई थी। जिसके तहत अब होटल्स और रेस्टोरेंट को पेपर सील्ड रि-यूजेबल ग्लास की बोतल में पानी ग्राहकों को देना होगा। इससे जहां पर्यावरण को बचाने में मदद मिलने के साथ ही सील्ड पानी के नाम पर होने वाली लूट से भी राहत मिलेगी। खास बात यह है कि कांच की यह बोतलें बेची नहीं जा सकेंगी। इनका उपयोग होटल परिसर में केवल मुफ़्त पानी देने में ही होगा। एडवाइजरी जारी होने के बाद एफएसएसएई से ताज सहित दिल्ली के कई फोर एंड फाइव स्टार होटल्स से संपर्क किया गया है। इस एडवाइजरी पर अमल होने पर लोगो को काफ़ी सुविधा प्राप्त होगी। एफएसएसएई के संयुक्त निदेशक (रेग्यूलेट्री कॉम्पीलिएंस) प्रवीण जारगर की ओर से यह देश जारी किया गया है। राजस्थान समेत देश के सभी फूड सेफ्टी कमिश्नर, होटल एसोसिएशन को पत्र लिखकर नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है।