पीके बने कांग्रेस के अघोषित रणनीतिकार

कांग्रेस मुख्यालय, 24 अकबर रोड में इन दिनों राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर उर्फ पीके को लेकर नाना प्रकार की चर्चाओं का बाजार गर्म है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्य सलाहकार पद से इस्तीफा दे चुके पीके इन दिनों घोषित तौर पर खुद को राजनीति से दूर बता जरूर रहे हैं लेकिन कांग्रेसी सूत्रों का कहना है कि वे अब राहुल गांधी के अघोषित सलाहकार बन बगैर फ्रंट पर आए कांग्रेस को पुनर्गठित करने में टीम राहुल को निर्देशित कर रहे हैं। इन सूत्रों की मानें तो पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के पीछे पीके का ही हाथ है। उन्होंने ही राहुल गांधी को यह फीडबैक दिया था कि सिद्धू दिनोंदिन पंजाब में लोकप्रिय होते जा रहे हैं इसलिए उनको पार्टी की कमान सौंपना आगामी चुनावों में कांग्रेस के लिए फायदेमंद साबित होगा। खबर गर्म है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पीके से इसके चलते खासे नाराज हो चले हैं। यहां तक कि उनके और पीके के मध्य बातचीत तक बंद हो गई है। नतीजा पीके ने प्रधान सलाहकार पद से इस्तीफा देना उचित समझा। चर्चा जोरों पर है अब पीके की सलाह पर राजस्थान में अशोक गहलोत के पर कतरने की तैयारी चल रही है। जानकारों का दावा है कि सचिन पायलट के समर्थकों को दोबारा मंत्री नहीं बनाने पर अड़े गहलोत को अब स्पष्ट तौर पर पार्टी आलाकमान ने न केवल पायलट समर्थकों को मंत्री बनाने, बल्कि पायलट को दोबारा डिप्टी सीएम बनाने का निर्देश दे डाला है। खबर यह भी है कि पायलट डिप्टी सीएम के बजाय प्रदेश कांग्रेस की कमान दोबारा संभालने के ज्यादा इच्छुक हैं। बहुत संभव है कि पंजाब और उत्तराखण्ड की तर्ज पर राजस्थान में भी सचिन को अध्यक्ष बनाते समय दोनों गुटों से दो-दो कार्यकारी अध्यक्ष बना आलाकमान संतुलन साधने का काम करे।

सहमे-सहमे भाजपाई सीएमhttps://thesundaypost.in/sargosian-chuckles/shocked-bjp-cm-2/