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सिंधिया को मंत्री बनाना भाजपा और सरकार दोनों की ही मजबूरी

मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया जल्दी ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं। उन्हें मंत्री बनाना केंद्र सरकार और भाजपा संगठन दोनों की मजबूरी है। चाहकर भी उनकी उपेक्षा नहीं की जा सकती है।

दरअसल, राज्य में सितंबर के पहले पखवाड़े में 24 विधानसमसभा सीटों के लिए उप चुनाव होना है। इनमें से 16 सीटें सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की हैं। मालवा क्षेत्र की सीटों पर भी उनका अच्छा प्रभाव माना जाता है।

ऐसे में भाजपा आलाकमान और सरकार की मजबूरी है कि सिंधिया को लंबे समय तक उपेक्षित नहीं रखा जा सकता। राज्य की शिवराज सिंह सरकार की मजबूती के लिए इन सीटों को जीतना भाजपा के लिए जरूरी है।

भाजपा के साथ ही सिंधिया के लिए भी इन सीटों को जीतने की चुनौती रहेगी। आखिर वे अपने समर्थक 22 विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए हैं। इन विधायकों ने इस्तीफे दे दिये थे। उप चुनाव में यदि वे भाजपा को जिताने में असफल रहे तो कांग्रेस छोड़ने के उनके फैसले पर सवाल खड़े होंगे।

-दाताराम चमोली