स्लम प्रिंसेस बनी स्कीनकेयर की ब्रांड एम्बेसडर
”कौन कहता है आसमान में सुराख़ हो नहीं सकता , एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों….” दुष्यंत कुमार की इन पंक्तियों पर मुंबई के धारावी में रहने वाली 15 … Read More
”कौन कहता है आसमान में सुराख़ हो नहीं सकता , एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों….” दुष्यंत कुमार की इन पंक्तियों पर मुंबई के धारावी में रहने वाली 15 … Read More
दुष्यंत ने जिस दौर में लिखना शुरू किया वह अज्ञेय और मुक्तिबोध का था। इन दोनों कवियों की कठिन कविताएं हर जगह छाई रहती थीं। मगर इसी दौर में दुष्यंत … Read More