ठिठुरता, भीगता और पसीने बहाता लोकतंत्र
मेरी बात ‘स्वतंत्रता दिवस भीगता है और गणतंत्र दिवस ठिठुरता है। मैं ओवरकोट में हाथ डाले परेड देखता हूं। रेडियो टिप्पणीकार कहता है, ‘घोर करतब-ध्वनि हो रही है।’ मैं देख रहा … Read More
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भारत में हमेशा ही स्त्रियों को पूजनीय माना जाता रहा है,लेकिन हकीकत में ऐसा है नहीं। अधिकतर उनके साथ आए दिन दुर्व्यवहार ,शोषण के अधिकतर मामले आते रहते हैं। बीते … Read More