ठिठुरता, भीगता और पसीने बहाता लोकतंत्र

मेरी बात ‘स्वतंत्रता दिवस भीगता है और गणतंत्र दिवस ठिठुरता है। मैं ओवरकोट में हाथ डाले परेड देखता हूं। रेडियो टिप्पणीकार कहता है, ‘घोर करतब-ध्वनि हो रही है।’ मैं देख रहा … Read More