आजादी बाद का भारत और आपातकाल
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-92 हिंदी-उर्दू के मशहूर लेखक राही मासूम रजा ने आपातकाल के दौरान एक उपन्यास ‘कतरा बी आरजू’ लिखा जिसमें संजय गांधी के ‘सौंदर्यीकरण’ और ‘नसबंदी अभियान’ से … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-92 हिंदी-उर्दू के मशहूर लेखक राही मासूम रजा ने आपातकाल के दौरान एक उपन्यास ‘कतरा बी आरजू’ लिखा जिसमें संजय गांधी के ‘सौंदर्यीकरण’ और ‘नसबंदी अभियान’ से … Read More
दुनियाभर के कई मुल्कों में समलैंगिक जोड़ों को न तो सामाजिक स्तर पर मान्यता मिली है और न ही व्यक्तिगत स्तर पर। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसमें बड़े परिवर्तन … Read More
‘नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो’ के आंकड़ों मुताबिक साल 2000 से 2016 के बीच देश के विभिन्न राज्यों में डायन करार देकर 2,500 से ज्यादा लोगों को मार दिया गया। वहीं … Read More
पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-80 ‘समानता की ओर’ (Towards equality) रिपोर्ट में भारतीय महिलाओं की स्थिति बाबत कहा गया- ‘While it is true that the status of women-constitutes a problem in … Read More
मासिक धर्म तमाम वर्जनाओं व मिथकों से घिरा हुआ है। जिसके चलते महिलाओं को सामाजिक व सांस्कृतिक जीवन में अलग होने के लिए विवश होना पड़ता है। इसे अशुद्धता व … Read More
मेरी बात वर्ष 1975 में आपातकाल से कुछ माह पूर्व एक फिल्म प्रदर्शित हुई थी, नाम था ‘दीवार’। यश चोपड़ा निर्देशित यह फिल्म सिने अभिनेता अमिताभ बच्चन को सुपर स्टारडम् … Read More
हमारा देश भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। भारतीय नृत्य हमारी संस्कृति की सबसे प्रतिष्ठित पहचानों में से एक है। इन्हीं में से एक नृत्य है … Read More
भारतीय समाज का ताना-बाना इस कदर बुना हुआ है कि लड़कियों को जन्म से ही शिक्षा दी जाने लगती है कि आगे चलकर वह एक अच्छी बीवी, मां बन सकें। … Read More
एक दौर था जब हिंदी सिनेमा में पुरुषों का वर्चस्व हुआ करता था। मूक फिल्मों से लेकर बोलती फिल्मों की शुरुआत में महिला केंद्रित भूमिकाएं भी पुरुषों द्वारा प्ले की … Read More