दलित चेतना और उग्र हिंदुत्व का उभार

पिचहत्तर बरस का भारत/भाग-122 दलित विषयों का गहन अध्ययन करने वाले प्रोफेसर बद्रीनारायण के अनुसार-‘दीनाभाना की घटना ने कांशीराम की आंखें खोल दीं, उन्हें इसका एहसास हुआ कि कैसे ब्राह्माणवाद … Read More

यदि आज कांशीराम होते तो …1

मेरी बात जल्दी जल्दी पैर बढ़ाओ, आओ आओ आज अमीरों की हवेली किसानों की होगी पाठशाला धोबी, पासी, चमार, तेली खोलेंगे अंधेरों का ताला, एक पाठ पढ़ेंगे, टाट बिछाओ। -सूर्यकांत … Read More