सुगम-दुर्गम के नाम पर ‘खेला’
उत्तराखण्ड में कर्मचारियों और अट्टिकारियों को सुगम और दुर्गम में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया है जिसके तहत 10 साल तक सुगम में रहने वालों को दुर्गम में तो इतने ही … Read More
उत्तराखण्ड में कर्मचारियों और अट्टिकारियों को सुगम और दुर्गम में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया है जिसके तहत 10 साल तक सुगम में रहने वालों को दुर्गम में तो इतने ही … Read More
ऐसा नहीं है कि उत्तराखण्ड राज्य में पानी की कोई कमी है। हमारे देश की दो बड़ी नदियां गंगा, यमुना और इनकी अधिकांश सहायक नदियां भी उत्तराखण्ड के ग्लेशियर से निकलती … Read More
आज तक उत्तराखण्ड का यह इतिहास रहा है कि कोई भी मुख्यमंत्री रहते जब उपचुनाव लड़ा तो वह हारा नहीं है। इसके मद्देनजर ही कैलाश गहतोड़ी के अपनी सीट से … Read More
अपनी स्वाभिमानी ठेठ पहाड़ी शैली के जरिए पहचाने जाने वाले पिथौरागढ़ के दो बार विधायक रहे केसी ( कृष्ण चंद्र ) पुनेठा का देर रात निधन हो गया। वह फेफड़े … Read More
चंपावत को जिला बने 23 साल हो चुके हैं। इस दौरान चुने हुए जनप्रतिनिधियों ने जनता को विकास के बड़े-बड़े सपने दिखाए। लेकिन आज भी इस सीमांत जनपद के लोग … Read More