धुआं-धुआं होता लोकतंत्र

मेरी बात   हर तरफ धुआं है हर तरफ कुहासा है जो दांतों और दलदलों का दलाल है वही देशभक्त है अंधकार में सुरक्षित होने का नाम है- तटस्थता। यहां … Read More