बढ़ रही हैं शिवराज की मुश्किलें

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से उबाल आने के संकेत नजर आने लगे हैं। कांग्रेस के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपने पाले में खींच भाजपा ने कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेसी सरकार भले ही गिरा शिवराज के नेतृत्व में अपनी सरकार बना ली, राजनीतिक हालात राज्य में सामान्य नहीं नजर आ रहे हैं। भाजपा के भीतर ज्योतिरादित्य और उनके समर्थकों को मिल रही तवज्जों पुराने पार्टी नेता पचा नहीं पा रहे हैं।

महाकोशल से विधायक पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने सिंधिया समर्थकों को मंत्रिमंडल में लिए जाने के बाद टिविट् कर अपनी नाराजगी जगजाहिर कर दी। उन्होंने सीएम शिवराज को याद दिलाया कि उन्होंने जबलपुर और रिवा जिलों का प्रभारी मंत्री बनकर क्षेत्र के विकास का वायदा किया था जो पूरा नहीं किया गया है। इतना ही नहीं विश्नोई ने यहां तक कह डाला कि ‘हम पंख फड़फड़ा सकते हैं, उड़ नहीं सकते।’ इधर राज्य के ग्वालियर संभाग से भी भाजपा भीतर भारी असंतोष की खबरें सामने आने लगी हैं। खांटी भाजपाई नेताओं का मानना है कि ज्योदिरादित्य सिंधिया जानबूझ कर उनसे दूरी रख रहे हैं और उनके द्वारा बताए गए विकास कार्यों को सिंधिया समर्थक मंत्री नजरअंदाज कर रहे हैं। जानकारों की माने तो आने वाले कुछ समय में भाजपा के भीतर विद्रोह की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।