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सार्क देशों से मोदी ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, कोरोना इमरजेंसी फंड बनाने का दिया सुझाव

चीन से फैला कोरोना वायरस अब लगभग पूरी दुनिया को अपने चपेट में ले चुका है। कोरोना के वैश्विक असर को देखते हुए प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने सार्क देशों के सदस्यों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान सार्क देशों को कोरोना वायरस (COVID-19) इमरजेंसी फंड बनाने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “डब्ल्यूएचओ ने कोरोना को महामारी घोषित किया है। लेकिन घबराना नहीं और हमेशा तैयार रहना संक्रमण से लड़ने के लिए भारत का मूलमंत्र रहा है।” इसके बाद प्रधानमंत्री ने कोरोना संकट से निपटने के लिए सार्क देशों के सामने 10 मिलियन डॉलर (74 करोड़ रुपए) का इमरजेंसी फंड बनाने का प्रस्ताव रखा।

उसके बाद उन्होंने कहा, “हमने आपदा पीड़ितों की निगरानी के लिए एक पोर्टल तैयार किया है। इसे सार्क के सभी सदस्य देशों के साथ साझा किया जाएगा। विकासशील देशों के सामने हेल्थकेयर सुविधाओं को लेकर बड़ी चुनौती है। हमें कोरोना से लड़ाई में मिलकर काम करना चाहिए। भारत ने ट्रैवल रिस्ट्रक्शन लगाए, लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया, मेडिकल स्टॉफ को ट्रेनिंग दी।”

उन्होंने आगे कहा कि अभी कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले अभी कम है पर हमें इस पर मिलकर सामना करना चाहिए। हमें इस चुनावती से लड़ना है और जीतना है। हाल में ही डब्लूएचओ ने महामारी घोषित कर दिया है। अभी सार्क के देशों में कम संक्रमण है।

नरेंद्र मोदी ने कहा, “तैयार रहें लेकिन घबराएं नहीं यह हमारा मंत्र है। लेकिन समस्या को कमतर मत आंकिए। हमने एहतियाती कदम उठाने की कोशिश की है जिसमें ग्रेडेड रिस्पॉन्स मकैनिजम भी शामिल है। हमने मध्य जनवरी से ही भारत में आने वाले लोगों की स्कीनिंग शुरू कर दी थी। इसके साथ ही हम धीरे-धीरे यात्रा पर भी पाबंदियां लगा रहे हैं। हम टीवी, प्रिंट और सोशल मीडिया पर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। जोखिम वाले समूहों तक पहुंचने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। हम अपने सिस्टम की क्षमता बढ़ा रहे हैं जिसमें मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग भी शामिल है। 2 महीने में पहले हमारे पास जांच के लिए एक लैब थी, जो अब 60 हो गई हैं।”

इसके बाद उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया भर में फंसे करीब 1400 भारतीयों और पड़ोसी देशों के नागरिकों को सुरक्षित लाया। हमने विदेश में फंसे अपने लोगों को भी बचाया। इसके अलावा हमने पड़ोसी देशों के नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला। इसके लिए हमने अपनी मोबाइल टीम को संबंधित देशों में तैनात किया। हम अब भी ऐसी स्थिति में हैं जहां नहीं पता कि आगे क्या होगा। हम सभी एक तरह की चुनौती का सामना कर रहे हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी, मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग और पाकिस्तान की तरफ से वहां के स्वास्थ्य राज्य मंत्री जफर मिर्जा शामिल हुए।