अब पछताए होत क्या जब…

पूर्व प्रधानमंत्री एच-डी- देवगौड़ा इन दिनों पश्चताप की आग में झुलस रहे हैं। एक तरफ कर्नाटक की सत्ता उनके पुत्र के हाथों से निकल गई, दूसरी तरफ अभी पार्टी में गौड़ा परिवार के बढ़ते वर्चस्व से भारी बेचैनी है। देवगौड़ा का मानना है कि राज्य में कभी भी मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं। ऐसे में उन्होंने आगामी 20 अगस्त से पूरे राज्य का दौरा करने की घोषणा कर डाली हैं। साथ ही वे पार्टी नेताओं को यह भी समझाने में जुटे हैं कि वे परिवारवाद की राजनीति में विश्वास नहीं करते है। उनका कहना है कि मजबूरीवश उन्हें अपने परिजनों को विगत लोकसभा चुनाव में टिकट देना पड़ा। सूत्रों की मानें तो उनकी इस सफाई के बावजूद कई बड़े नेता भाजपा में जाने का मार्ग तलाश रहे हैं।

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