सड़क निर्माण से सड़क पर आए लोग
संतोष सिंह
उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार चारधाम यात्रा को बताया जाता है। चारधाम यात्रा को सुलभ बनाने के मद्देनजर बीते कुछ सालों से प्रदेश में सड़कों का सुधारीकरण चल रहा है। इनमें सबसे अहम चारधाम को जोड़ने वाली ऑल वेदर रोड परियोजना है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से प्रदेश को भी खासी उम्मीदें हैं। दूसरी तरफ इस रोड के बनने से लोग सड़क पर आ गए हैं जिनमें नगर पंचायत पीपलकोटी के लोग शामिल हैं जो सड़क के किनारे दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। चौड़ीकरण के नाम पर उनकी दुकानें उजाड़ दी गईं। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि ऑल वेदर रोड बन जाने के बाद उन्हें फिर से व्यवसाय चलाने की स्वीकृति दे दी जाएगी। लेकिन आज भी वे लोग अपनी जीविकोपार्जन के लिए दर-दर भटक रहे हैं
चारधाम यात्रा का मुख्य पड़ाव पीपलकोटी यात्रा सीजन में तीर्थयात्रियों से गुलजार बना रहता है। हजारों तीर्थयात्री यहां प्रतिदिन निवास करते हैं, जिससे यहां रौनक बनी रहती है। छोटे ढाबे व ठेली व्यवसायी भी अच्छी कमाई कर लेते हैं जिससे उनकी आर्थिकी चल जाती है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ऑल वेदर रोड चौड़ीकरण से दर्जनों ठेली व ढाबा व्यवसाय प्रभावित हुए हैं। जिससे कई व्यवसायी बेरोजगार भी हो गए हैं। नगर पंचायत द्वारा भी इनकी कोई मदद नहीं की गई। अब भी कई व्यवसायी इधर-उधर धक्के खा रहे हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी नगर पंचायत द्वारा नेशनल हाईवे कटिंग से जो दुकानें कट गई थीं उनको बनाने की जहमत अभी तक नहीं उठाई गई। स्थानीय व्यवसायी द्वारा शासन- प्रशासन से कई बार ज्ञापन सौंपा गया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई जिससे व्यवसायियों में आक्रोश बना हुआ है। कहा जा रहा है कि इसका खमियाजा भाजपा को आगामी निकाय चुनाव में भी भुगतना पड़ सकता है।
चारधाम यात्रा का मुख्य पड़ाव पीपलकोटी में हर दिन हजारों की संख्या में तीर्थयात्री निवास करते हैं। जिससे यहां पर यात्रा सीजन में रौनक बनी रहती है। इसके अलावा बड़े होटल एवं लॉज व्यवसायियों के साथ ही छोटे ढाबे और ठेली लगाने वाले व्यवसाई भी अच्छी आमदनी कर लेते हैं जिससे उनका रोजगार चलता है। लेकिन ऑल वेदर रोड निर्माण से वर्ष 2020 में पीपलकोटी में दर्जनों दुकानें रोड कटिंग की चपेट में आने के चलते बंद कर दी गई हैं। हाईवे चौड़ीकरण से पीपलकोटी बस स्टैंड पर बीरेंद्र सिंह राणा, बलदेव, कुलदीप आर्य, कैलाश रावत, सीतल, राकेश जोशी, अख्तर, बद्री प्रसाद भट्ट, महेंद्र कुमार, पूरण सिंह सहित अन्य दुकानदार प्रभावित हुए हैं। ये सभी दुकानदार पिछले तीन दशक से यहां पर ठेली लगा कर अपनी रोजी-रोटी चला रहे थे। चारधाम यात्रा मुख्य पड़ाव होने के चलते यहां का बस स्टैंड सीजन में गुलजार हुआ करता था जिससे व्यवसायियों की रोजी-रोटी चल रही थी। जिन लोगों की दुकानें ऑल वेदर रोड के चलते बंद हो चुकी हैं उन्हें आज तक कोई मुआवजा भी नहीं दिया गया। शासन-प्रशासन की इस दमनकारी नीति से पीपलकोटी के व्यवसासियों में भारी नाराजगी है। पीपलकोटी के व्यापार संघ अध्यक्ष दीपक राणा के नेतृत्व में प्रभावित व्यवसायियों ने नगर पंचायत अध्यक्ष को इस
संबंध में कई बार अवगत कराया और रोड चौड़ीकरण के बाद नई दुकान बनाकर आवंटित करने को कहा गया।
लेकिन नगर पंचायत द्वारा कभी भी इसको गंभीरता से नहीं लिया गया। परिणाम स्वरूप 2021 में हाईवे चौड़ीकरण कार्य पूर्ण होने पर भी दुकाने नहीं बनाई गईं। उल्टा जिस जगह पर दर्जनभर दुकानें प्रभावित हुईं और दर्जनों लोग बेरोजगार हुए उस स्थान पर दुकान बनाने के बजाय शौचालय बनाने की तैयारी की जा रही है। जिसकी भनक लगने पर व्यापार संघ पीपलकोटी द्वारा इसका विरोध किया गया। हालात यह पैदा हो गए कि बस स्टैंड पर दुकान कटिंग के बाद जब नगर पंचायत द्वारा दो वर्ष तक दुकानें नहीं बनाई गई तो कुछ व्यवसाई अपना सब कुछ छोड़कर अपने गांव चले गए। जिससे उनको भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इतना ही नहीं इससे उनका पूरा परिवार ही प्रभावित हो गया। कुछ व्यवसाई आज भी इधर-उधर धक्के खा रहे हैं। व्यापार संघ पीपलकोटी के अध्यक्ष दीपक राणा के अनुसार दुकानदारों की समस्या के लिए उन्होंने जिला अधिकारी चमोली, सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नगर पंचायत पीपलकोटी को इस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन नगर पंचायत द्वारा इसको गंभीरता से नहीं लिया गया। वह बताते हैं कि पिछले यात्रा सीजन के बाद प्रभावितों को दुकान बनाकर आवंटित करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिसके कारण व्यवसायियों को भारी नुकसान इस वर्ष भी उठाना पड़ रहा है। बड़ी बात यह है कि भाजपा का नगरपंचायत अध्यक्ष होने के बावजूद भी उनके द्वारा अपने ही मुख्यमंत्री के आदेश को भी दरकिनार किया जा रहा है जबकि प्रभावित व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। साफ है कि जिस भाजपा को पिछली बार विकास की उम्मीद पर निकाय चुनाव में जनता ने भारी मतों से जीत दर्ज कराई। व्यापारियों की उपेक्षा के चलते भाजपा को आगामी निकाय चुनाव में इसका बड़ा भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
