पौड़ी में राष्ट्रीय बाल श्रम योजना लागू

जिला कलेक्ट्रेट परिसर पौड़ी में जिलाधिकारी सुशील कुमार की अध्यक्षता में आज बाल श्रम उन्मूलन हेतु गठित जिलास्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा बालश्रम प्रतिषेध एवं बिनिमय अधिनियम 1986 पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने श्रम अधिकारी कार्यालय हेतु विकास भवन में एक कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने श्रम विभाग को शिविर लगाकर भारत सरकार की लाभकारी योजनाओं की जानकारी मजदूरों को देने निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मजदूर अपनी दैनिक मजदूरी के 90 दिन पूर्ण करने के बाद सरकार द्वारा संचालित इन योजनाओं से लाभान्वित हेतु ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन करना सुनिश्चित करेंगे। जिस हेतु उन्होंने श्रम अधिकारी को बेवसाइट की जानकारी हेतु निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि बाल मजदूरी में पाये जाने वाले बच्चों को प्रथम दृष्टिता से उनके अभिभावकों से समन्वय कर उनके घर परिवार में भेजना सुनिश्चित करेंगे। जबकि ऐसे बच्चे जिनके अभिभावक आदि नहीं होने की दशा में लापरवाही के बिना उन्हें भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से अच्छादित करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में राष्ट्रीय बाल श्रम योजना लागू हो गई है। उन्होंने टास्कफोर्स के अन्तर्गत आने वाले सभी अधिकारी एवं पदाधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में कहीं भी बाल मजदूरी करते हुए कोई बच्चा नहीं मिलना चाहिए। अभी से इस बात को सुनिश्चित कर लें कि मजदूरों के बच्चों के भविष्य को संवारने हेतु अग्रसित रहेंगे। साथ ही लोंगों में जागरूकता लाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि जनपद में राष्ट्रीय बाल श्रम योजना लागू हो गई है।
इस मौके पर बैठक में अपर जिलाधिकारी रामशरण शर्मा, सीओ धन सिंह तोमर, एसडीएम अनिल चन्याल, एसीएमओ एन के त्यागी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनीता, श्रम अधिकारी के के गुप्ता, अध्यक्ष जागृति संस्था मनीष भट्ट, के अलावा अरविन्द कुमार रावत, धनेश कुमार, देवेन्द्र सिंह रावत, राहत हुसैन, अरविन्द कुमारी रावत आदि उपस्थित थे।

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