मंदी से बेहाल मारुति सुजुकी, तीन हजार कर्मचारियों की हुई छुट्टी

आर्थिक मंदी की मार झेल रहे ऑटो सेक्टर में नौकरियों के जाने का सिलसिला लगातार जारी है। देश की बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने तीन हजार अस्थायी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। वहीं ट्रक निर्माण के क्षेत्र में बड़ा नाम अशोक लेलैंड अपने कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के लिए ऑफर दे रहा है। कंपनी अपने कर्मचारियों को कह रही है कि वो वीआरएस ले लें या फिर नौकरी छोड़ें तो कंपनी के पास उनके लिए कुछ ऑफर हैं।

मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा है कि वाहन उद्योग में नरमी को देखते हुए अस्थायी कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट को आगे नहीं बढ़ाया गया, हालांकि स्थायी कर्मचारियों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा है। भार्गव ने कहा, यह कारोबार का हिस्सा है, जब मांग बढ़ती है तो अनुबंध पर ज्यादा कर्मचारियों की भर्ती की जाती है और जब मांग घटती है तो उनकी संख्या कम करनी होती है।

आर सी भार्गव ने कहा, तीसरे या चौथे क्वॉर्टर से कुछ बेहतर होने की उम्मीद करनी चाहिए। साथ ही अगर सरकार कुछ घोषणा करती है और सकारात्मक कदम उठाती है तो स्थिति और सुधर सकती है। हालांकि यह सरकार पर निर्भर है कि जीएसटी रेट में कटौती की जाए और सही कदम उठाये जाएं।

इससे पहले देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने शुक्रवार को घोषणा की है कि वह अगले चार दिनों के लिए उत्पादन बंद कर रही है। कंपनी 15 अगस्त से 18 अगस्त के बीच कोई उत्पादन नहीं करेगी। कंपनी की ओर से कहा गया है कि यह बाजार में घटती मांग का संकेत है। बता दें कि काफी समय से ऑटो सेक्टर सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। पिछली कुछ तिमाहियों में इस सेक्टर में बड़े पैमाने पर नौकरियां गई हैं। औद्योगिक आंकड़ों के अनुसार, सभी खंडों में लगातार नौ महीनों से बिक्री में गिरावट हुई है। इससे पूरे ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी छाई हुई है।

 

 

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