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किम जोंग उन की बहन ने दिया डोनाल्‍ड ट्रंप को झटका, कहा- शिखर वार्ता की जरूरत नहीं

उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन की बहन किम यो ने दक्षिण कोरिया के बाद अब संयुक्त राज्य अमेरिका का ध्यान अपनी ओर खींचा है। किम जोंग उन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक और शिखर सम्मेलन की कोई ज़रूरत नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रम्प के साथ बैठक आयोजित करके समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।

किम यो ने कहा कि उत्तर कोरिया के लिए अमेरिका के साथ मिलना समय की बर्बादी है। किम यो ने कहा कि बैठक का कोई मतलब नहीं है अगर उत्तर कोरिया को अमेरिका से कोई फायदा नहीं हुआ। उत्तर कोरिया ने पहले से ही अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत करने से इनकार कर दिया है जब तक कि वह अपने नामकरण पर प्रतिकूल नीति बनाए रखता है।

दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच संबंधों को तय करने में किम यो की भूमिका महत्वपूर्ण है। किम यो ने अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच पहले हुई बैठक के लिए पहल की थी। ऐसी चर्चा थी कि किम यो ने बैठक के लिए किम जोंग को राजी किया था। इसीलिए किम यो का बयान महत्वपूर्ण है। किम यो को किम जोंग उन का वफादार माना जाता है और सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण वजन भी रखता है।

इस बीच दक्षिण कोरिया के दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री स्टीफन बिगान ने बुधवार को उत्तर कोरिया के साथ बातचीत करने की अपनी तत्परता दोहराई। उन्होंने दक्षिण कोरिया की अपनी यात्रा के दौरान उत्तर कोरियाई अधिकारियों से मिलने और चर्चा करने की तत्परता भी व्यक्त की। सियोल में दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के साथ बातचीत शुरू हुई।

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री कांग-क्युंग-वू, उप विदेश मंत्री चो-सि-यांग और परमाणु कार्यक्रम के मध्यस्थ ली-डो-हून के साथ वार्ता शुरू हुई। कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की लागत में भागीदारी पर चर्चा की गई थी।