उत्तर प्रदेश विधानसभा में दिया जाएगा आधा गिलास पानी

भारत में जल की समस्या बढ़ती जा रही है। जबकि ‘जल ही जीवन है’ जल के बिना जीवन कल्पना नहीं की जा सकती। हमारे देश में कई राज्यों में पानी की विकट समस्या है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में जहां पानी की कमी बढ़ी है, वहीं राज्यों के मध्य पानी से जुड़े विवाद भी गहराए हैं।

उत्तर प्ररेश विधानसभा परिसर में जल संरक्षण को लेकर एक अनोखी पहल की गई है। यहां के सचिवालय और विधानसभा परिसर में हर किसी को अब सिर्फ आधा गिलास पानी दिया जाएगा। आधा गिलास पानी पीने के बाद अगर और प्यास लगती है तो फिर से पानी मांगा जा सकता है। विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे की ओर से इसका आदेश जारी किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में लोगों से जल संरक्षण की अपील की थी। पीएम की अपील को यूपी विधानसभा अध्यक्ष ने गंभीरता से लिया और उन्होंने विधानसभा परिसर में आधा गिलास पानी देने वाला नियम बनाया है।

प्रदीप दुबे की तरफ से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि ऐसी व्यवस्था विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित की मंशा पर जारी किया गया है। यह व्यवस्था जल संरक्षण के लिए की जा रही है। आदेश में कहा गया है कि अक्सर पूरा गिलास पानी लोग नहीं पीते और बाकी पानी बर्बाद होता है।

विधानसभा परिसर में प्रारम्भ में आधा गिलास जल दिया जाए। कई बार यह देखा गया है कि पूरे भरे हुए गिलास को लोग एक-दो घूंट पीकर या आधा गिलास पानी पीकर हो छोड़ देते हैं। ऐसे में बाकी पानी बर्बाद हो जाता है। लोगों को आवश्यकता होने पर फिर से पानी दिया जा सकता है।

प्रदीप ने आदेश में कहा है कि विधानसभा परिसर और सचिवालय के सभी अनुभागों में प्रारंभ में आधा गिलास जल ही दिया जाए। विधानसभा के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वह इस व्यवस्था का तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

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