दीदी नहीं अब पीशी, भाईपो नहीं अब बाबूसोहना

पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच वाक् युद्ध नई ऊंचाइयों को छूने लगा है। दोनों तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ नए-नए आरोप लगाए जा रहे हैं। कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खासे करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल होने के साथ ही अपनी पूर्व नेता के खिलाफ सबसे ज्यादा शब्दों के वाण चलाने में जुट गए हैं। ममता बनर्जी को सभी दीदी कह कर पुकारते हैं।

शुभेंदु अधिकारी ने अपनी जनसभाओं में उन्हें ‘पीशी’ यानी आन्टी कहना शुरू कर दिया है। ऐसा वह जानबूझ कर कह रहे हैं। दरअसल, ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक भाजपा-कांग्रेस और वामपंथी दलों के निशाने पर हैं। उन पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप ममता विरोधी लगाते रहे हैं। पहले भाजपा ने अभिषेक को ‘भाईपो’ कह पुकारना शुरू किया था। भाईपो का तात्पर्य भाई का बेटा यानी भतीजा से है। अब लेकिन उनका भी दूसरा नामकरण कर दिया गया है। उन्हें ‘बाबूसोहना’ कहा जाने लगा है। बाबूसोहना से तात्पर्य ममता आंटी के लाडला होने से है। अभिषेक बनर्जी को निशाने पर लेने की भाजपाई रणनीति के खासे फायदेमंद होने की खबरें आ रही हैं। अभिषेक के तौर-तरीके, पार्टी और सरकार में उनके बढ़ते प्रभाव से ममता के पुराने साथी भी नाराज रहते आए हैं। ऐसे सभी नेताओं का मानना है कि ममता बनर्जी का अंधा भतीजा प्रेम पार्टी और सरकार की बड़ी बदनामी का कारण बन चुका है। ऐसे में भाजपा का ‘भाइपो’ पर लगातार हमलावर रहना इन तृणमूल नेताओं को खासा सुहा रहा है।