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धोनी ने अपने उत्तराधिकारी कोहली को अधिक क्वॉलिटी वाले खिलाड़ी नहीं दिए: गौतम गंभीर

विराट कोहली को लेकर पूर्व भारतीय ओपनर गौतम गंभीर का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी ने अपने उत्तराधिकारी उन्हें बहुत अधिक क्वॉलिटी खिलाड़ी नहीं दिए। कोहली ने 2017 में इंडियन क्रिकेट टीम की फुल टाइम लीडरशिप संभाली थी। गंभीर ने कोहली के नेतृत्व में टेस्ट टीम में वापसी की थी।

गौतम गंभीर का मानना है कि टीम इंडिया से दिग्गज खिलाड़ियों के रिटायर होने के बाद टीम में केवल रोहित शर्मा और विराट कोहली ही थे। छह साल गांगुली ने टीम इंडिया का नेतृत्व किया। उन्होंने ऐसे खिलाड़ी तैयार किए, जो किसी भी टीम को हरा सकते थे।

दरअसल, गौतम गंभीर ने ये बातें कुमार संगाकारा, ग्रीम स्मिथ और क्रिस श्रीकांत, महेंद्र सिंह धोनी और सौरव गांगुली के बीच वनडे क्रिकेट की कप्तानी को लेकर तुलना पर हो रही बातचीत के दौरान कही। गौतम गंभीर ने स्टार स्पोर्ट्स के शो ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ में कहा, “लिमिटेड ओवर्स के क्रिकेट में धोनी गांगुली से आगे रहे, क्योंकि उन्होंने सभी आईसीसी ट्रॉफियां जीती हैं। एक कप्तान के रूप में बेशक आप इससे बेहतर रिकॉर्ड नहीं रख सकते। मुझे इसमें कोई शक नहीं हैं कि व्हाइट बॉल क्रिकेट में धोनी, गांगुली से आगे हैं।”

गंभीर ने आगे कहा, ”लेकिन जब धोनी ने कप्तानी छोड़ी तो उन्होंने विराट के लिए क्वॉलिटी प्लेयर नहीं छोड़े। विराट, रोहित या जसप्रीत बुमराह ही इस वक्त टीम में हैं। टीम में ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं, जो दुनिया की किसी भी टीम को हरा सकें। या आपको कोई बड़ा टूर्नामेंट जीतकर दे सकें।”

उन्होंने यह भी कहा, ”लेकिन सौरव को देखिए… उन्होंने युवराज सिंह, जो दो विश्व कपों में टीम में रहे (2007 का टी-20 और 2011 का वनडे विश्व कप) वह ‘मैन ऑफ द सीरीज’ थे। इसके अलावा सौरव गांगुली ने हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग, जहीर खान जैसे धाकड़ खिलाड़ी छोड़े थे, जिनसे दुनियाभर के खिलाड़ी डरते थे।”

उल्लेखिनीय है कि साल 1999 में सौरव गांगुली ने पहली बार टीम इंडिया की कप्तानी संभाली थी। उन्होंने 49 टेस्ट मैचों में 21 टेस्ट भारत को जितवाए। 146 वनडे में 76 गेम उनके नाम रहे। भारत ने 2002 में नेटवेस्ट ट्रॉफी जीती। 2003 के वर्ल्ड कप में भारत फाइनल तक पहुंचा। हालांकि, फाइनल में उसे ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा।

वहीं महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2007 में पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीत कर सबको चौंका दिया था। उसके चार साल बाद यानी 2011 में टीम इंडिया ने 50 ओवर का वनडे विश्व कप जीता। 2013 में इसके बाद धोनी ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती। धोनी पहले ऐसे कप्तान बने, जिनके नेतृत्व में भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफी जीती।