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लालू यादव का इलाज करने वाले डॉक्टर के पेशेंट को कोरोना, पूरा मेडिकल यूनिट क्वारेनटाइन

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू यादव का इलाज करने वाले मेडिकल स्टाफ का एक पेशेंट को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। ये बात सामने आने के बाद पूरे मेडिकल यूनिट को क्वारेंटाइन कर दिया गया है।

लालू जैसा कि मालूम है रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी रिम्स में भर्ती हैं। दरअसल, जिस यूनिट राजद नेता लालू यादव का इलाज कर रही थी उसी यूनिट का एक मरीज को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है

लालू पेयिंग वार्ड में भर्ती

रिम्स प्रशासन ने बताया, “आज एक मरीज जो पिछले तीन हफ्तों से चिकित्सा विभाग में भर्ती था, कोविद -19 पॉजिटिव पाया गया। वह डॉ उमेश प्रसाद की यूनिट के अधीन था। गौरतलब है कि लालू यादव का इलाज भी उसी यूनिट और डॉ उमेश द्वारा किया जा रहा है। प्रसाद उनके चिकित्सक हैं। हालांकि, लालू पेयिंग वार्ड में भर्ती हैं।”

सभी स्टाफ क्वारेंटाइन

रिम्स प्रशासन ने आगे कहा, “चूंकि, कोविड-19 मरीज तीन सप्ताह से चिकित्सा विभाग में था, इसलिए सभी डॉक्टर और अन्य कर्मचारी अपने नमूने दे रहे हैं। डॉ उमेश प्रसाद और उनकी यूनिट को क्वारेंटाइन के लिए भेजा जाएगा।”

लालू के पैरोल पर असमंजस बरकरार

गौरतलब है कि पिछले दिनों लालू प्रसाद यादव को पैरोल पर रिहा करने की अर्जी लगाई गई थी। वे जेल से बाहर आएंगे या नहीं इस पर अभी असमंजस बरकरार है। हेमंत सरकार इस मुद्दे पर निर्णय नहीं ले पा रही है। हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में भी लालू प्रसाद को परोल देने पर निर्णय नहीं हुआ।

हालांकि, बैठक में महाधिवक्ता राजीव रंजन से इस पर कानूनी राय जरूर ली गई। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर कैदियों को छोड़ने के लिए हुई हाई लेबल कमिटी की बैठक में लालू प्रसाद के नाम पर चर्चा नहीं हुई थी। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 7 साल तक के सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों को पैरोल पर छोड़ने का आदेश राज्य सरकारों को दिया है।