Óñ¬Óñ¥Óñ»Óñ▓Óñƒ ÓñòÓÑï ÓñùÓñ╣Óñ▓ÓÑïÓññ Óñ¿ÓÑç Óñ¼ÓññÓñ¥Óñ»Óñ¥ Óñ¿Óñ┐ÓñòÓñ«ÓÑìÓñ«Óñ¥ ÓñöÓñ░ Óñ¿ÓñòÓñ¥Óñ░Óñ¥, Óñ▓ÓñùÓñ¥Óñ»Óñ¥ BJP Óñ©ÓÑç Óñ«Óñ┐Óñ▓ ÓñÀÓñíÓÑìÓñ»ÓñéÓññÓÑìÓñ░ Óñ░ÓñÜÓñ¿ÓÑç ÓñòÓñ¥ ÓñåÓñ░ÓÑïÓñ¬

कोरोना संकट: राजस्थान में डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ नहीं होंगे रिटायर

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अभी पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है। अब तक भारत में 1834 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इससे 41 लोंगो की मौत हो गई है तो वहीं 144 लोग इस बीमारी से ठीक हुए है। इसी क्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह फैसला लिया है कि 30 सितंबर तक स्वास्थ्य विभाग से किसी भी स्टाफ की रिटायरमेंट नहीं होगी। उन्हें एक्सटेंसन दिया जाएगा। साथ ही राज्य में अर्जेंट टेंपरेरी बेसिस पर मेडिकल स्टाफ की भर्ती की जाएगी। इसमें डॉक्टर,नर्स, और लैब टेक्नीशियन की भर्ती की जाएगी।

कोरोना का संक्रमण प्रदेश में दिन पर दिन तेजी से फैलता जा रहा है। अभी राजस्थान में 93 संक्रमण के केस पाए गए है। वहीं 3 लोग इससे ठीक भी हुए है। सरकार के इस फैसले के बाद अब वहां 80 से 90 डॉक्टरों  और करीब 1800 पैरामेडिकल स्टाफ अब 30 सितंबर तक तैनात रहेंगे। सरकार  इनको एक्सटेंशन देकर इनके अनुभव को इस्तेमाल करना चाहती है। साथ ही वहां स्टाफ की कमी भी न हो  इसके  लिए ही यह निर्णय  लिया गया है। वहां करीब 200 डॉक्टर्स कुछ समय से अनुपस्थित चल रहे है। उनको 3 अप्रैल तक वापस ड्यूटी जॉइन करने की हिदायत दी थी।

चिकित्सा विभाग ने कहा है कि इस आपदा में भी डॉक्टर्स के नहीं लौटने पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल से उनका पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई होगी। सरकार कोरोना वायरस से निपटने के लिए अर्जेंट टेंपरेरी बेसिस आधार पर डॉक्टर, नर्स और लैब टेक्नीशियन के पदों पर भर्ती करेगी। इसमें एमबीबीएस, पीजी डिग्रीधारी, एएनएम, जीएनएम और लैब टेक्नीशियन को कोरोना वायरस के नियंत्रण तक एनएचएम की ओर से पूर्व निर्धारित दरों पर रखा जायेगा।

इसके पहले गहलोत सरकार ने  मुख्यमंत्री से लेकर कर्मचारियों तक के मार्च महीने का वेतन का बड़ा हिस्सा रोकने के फैसला किया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग से सेवाओं देने वाले सभी स्टाफ को पूरा वेतन दिया जाएगा। वहां लॉकडाउन से करीब 17 हजार करोड़ का मार्च महीने में नुकसान हुआ है। जिसके कारण यह फैसला लिया गया है।

सीएम, डिप्टी सीएम, सभी मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मुख्य सचेतक, उप-मुख्य सचेतक और सभी विधायकों के मार्च माह के वेतन का 75 फीसदी हिस्सा रोका जाएगा। आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों का मार्च माह का 60 प्रतिशत वेतन रोकने का फैसला किया गया है जबकि राज्य सेवाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों का 50 फीसदी वेतन रोका जाएगा। सेवानिवृत्त पेंशनर्स की मार्च माह की सकल पेंशन का 30 प्रतिशत हिस्सा भी स्थगित रखा जाएगा।