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गलवान घाटी को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ तीखे होते जा रहे हैं कांग्रेस के तेवर

भारत-चीन सीमा पर गतिरोध के बीच उठते ज्वलंत सवालों के जवाब में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक में कहा कि न तो कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है, न ही हमारी कोई चौकी किसी दूसरे के कब्ज़े में है। उनके इस स्पष्टीकरण के बावजूद कांग्रेस संतुष्ट नहीं है और पार्टी नेता इस मुद्दे पर अपना आक्रामक रुख छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

पार्टी का साफ संदेश है कि देश की मौजूदा केंद्र सरकार की नाकामयाबियों और लापरवाहियों की वजह से चीन न केवल भारत में घुस आया, बल्कि देश के 20 जवानों को इसकी कीमत अपनी शहादत देकर चुकानी पड़ी है। अब तो उन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी अपनी चुप्पी तोड़ दी है जिनके बारे में कहा जाता है कि वे तो बोलते ही नहीं हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न सिर्फ शब्दों के चयन में सावधान होने की नसीहत दी है, बल्कि यह भी अहसास कराया कि भारत के 20 सैनिकों की शहादत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए।मनमोहन ने साफ तौर पर प्रधानमंत्री मोदी की क्षमता पर निशाना साधा है।

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी सीमा पर उपजे गतिरोध को लेकर सरकार से तीखे सवाल कर चुकी हैं। उन्होंने पूछा कि चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में कब प्रवेश किया? क्या सरकार के विचार से कोई खुफिया नाकामी हुई? सोनिया समेत कई अन्य कांग्रेसी नेता भी सरकार की लापरवाही पर सवाल उठा चुके हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तो शुरू से ही इस मुद्दे पर सरकार को घेरते आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के सर्वदलीय बैठक में दिए गए बयान को लेकर राहुल ने ट्वीट किया कि ‘प्रधानमंत्री ने चीनी आक्रामकता के आगे भारतीय भू-भाग चीन को सौंप दिया है। अगर भूमि चीन की थी तो हमारे सैनिक क्यों मारे गए? वे कहां मारे गए।’ राहुल ने यहां तक कहा कि नरेंद्र मोदी वास्तव में सरेंडर मोदी हैं। राहुल को अपने तीखे सवालों के चलते भाजपा नेताओं की कड़ी आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लद्दाख में भारत-चीन के सैनिकों के बीच झड़प संबंधी बयानों को लेकर परोक्ष रूप से राहुल गांधी पर हमला किया कि वे सेना का मनोबल गिरा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तो उन्हें ‘तुच्छ राजनीति से ऊपर उठने’ तथा राष्ट्रीय हित में एकजुट होकर खड़े होने की नसीहत तक दे डाली। इसके बावजूद राहुल चुप नहीं बैठे। वे अपने स्टैंड पर कायम हैं कि सरकार से चूक हुई है। अब उन्होंने फिर से सवाल किया है कि क्या भारतीय जमीन पर चीन ने कब्जा किया है?

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं अपने पिता राजीव गांधी द्वारा लद्दाख के पैंगोंग त्सो झील की ली गई एक तस्वीर ट्विटर पर साझा करते हुए कहा कि चीनी आक्रमण के खिलाफ हम एकजुट खड़े हैं। राहुल के रुख से लगता है कि कांग्रेस सीमा पर उपजे गतिरोध के मुद्दे पर अपने स्टैंड पर कायम है और जन-जन तक यह बात पहुंचाएगी कि सरकार की लापरवाहियों एवं नाकामयाबियों की वजह से देश को परेशान होना पड़ रहा है।

-दाताराम चमोली