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मंत्रिमंडल के गठन को लेकर असमंजस में हेमंत सोरेन

झारखण्ड में नई सरकार बने एक महीना होने को आया है, लेकिन गठबंधन के बंधनों में जकड़े मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपना मंत्रिमंडल गठन नहीं कर पा रहे हैं। राज्य में नियमानुसार 12 विधायक ही मंत्री बन सकते हैं। सोरेन के साथ दो कांग्रेस और एक राष्ट्रीय जनता दल के विधायक शपथ ले चुके हैं। अब बचे कुल सात मंत्री पद।

कांग्रेस इनमें से पांच पर अपनी दावेदारी कर रही है। साथ ही कांग्रेस को विधानसभा अध्यक्ष का पद भी चाहिए। यदि सोरेन इसके लिए तैयार होते हैं तो उनके पास अपने विधायकों के लिए मात्र चार मंत्री पद रह जाते हैं। खबर है कि सोरेन इसके लिए तैयार नहीं। वे कांग्रेस को चार मंत्री पद देने को तैयार हैं लेकिन कांग्रेस मान नहीं रही।

इस चक्काजाम का असर राजकाज पर बुरा पड़ रहा है। सोरेन यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं खोज पाते हैं तो राज्य में दलबदल के जरिए भाजपा की सरकार बनाने वालों का खेल शुरू हो जाएगा। हालांकि जानकारों का दावा है कि सोरेन सीधे सोनिया गांधी को विश्वास में लेकर जल्द ही अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रहे हैं।