ÓñÜÓñ┐ÓñªÓñéÓñ¼Óñ░Óñ« Óñ¼ÓÑïÓñ▓ÓÑç, Óñ¬ÓÑìÓñ░ÓñºÓñ¥Óñ¿Óñ«ÓñéÓññÓÑìÓñ░ÓÑÇ Óñ«ÓÑïÓñªÓÑÇ ÓñòÓÑï ÓñÜÓñ¥Óñ╣Óñ┐ÓñÅ ÓñòÓñ┐ ÓñÁÓÑç ÓñùÓñ░ÓÑÇÓñ¼ÓÑïÓñé ÓñòÓÑç Óñ░ÓÑïÓñ£ÓñùÓñ¥Óñ░ ÓñòÓÑÇ ÓñÜÓñ┐ÓñéÓññÓñ¥ ÓñòÓñ░ÓÑçÓñé

चिदंबरम बोले, प्रधानमंत्री मोदी को चाहिए कि वे गरीबों के रोजगार की चिंता करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की। इस दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने की वकालत की। केजरीवाल ने राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन आगे जारी रखने की मांग की है।

वहीं इस चर्चा के शुरू होने से ठीक पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम ने एक ट्वीट किया। ट्वीट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी गरीब परिवारों के खाते में सहायता राशि पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी अग्रह किया है कि वे प्रधानमंत्री से इस बारे में बात करें। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन लगने के वजह से सबसे ज्यादा दिहाड़ी मजदूरों को दिक्कत हो रही है। उनके पास जितने पैसे थे वो सब अब खत्म हो गया है और अब उनको मुफ्त भोजन के लिए लंबी-लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों की जरुरतें पूरी करने के लिए 65,000 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है होंगे, जो कि अच्छी बात है। चिदंबरम ने अपने ट्वीट में लिखा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, और केरल के सीएम ई पलानीस्वामी मिलकर प्रधानमंत्री को इस बारे में बताएं कि जिस प्रकार जिंदगियां जरूरी हैं वैसे ही गरीबों की आजीविका भी महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या राज्य गरीबों को इस तरह भूखा देख सकते हैं।

चिदंबरम ने कहा कि मुख्यमंत्रियों को मांग करनी चाहिए कि नकदी को हर गरीब परिवार के खाते में तुरंत हस्तांतरित किया जाए। इसके पहले भी उन्होंने कहा था कि वह गरीबों की मदद में लापरवाह रही है, जिसके चलते इस वर्ग को इन दिनों काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

उस समय उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि लॉकडाउन की रणनीति में जो चीज गायब है वह गरीबों के हाथों में नकदी है। गरीबों के कई वर्ग ऐसे हैं जिन्हें सरकार की तरफ से एक भी रुपया नहीं मिला है।