Óñ¼ÓñéÓñùÓñ▓Óñ¥ Óñ©Óñ¥Óñ╣Óñ┐Óñ¼ ÓñùÓÑüÓñ░ÓÑüÓñªÓÑìÓñÁÓñ¥Óñ░Óñ¥ Óñ¿ÓÑç Óñ¬ÓÑçÓñ ÓñòÓÑÇ Óñ«Óñ┐Óñ©Óñ¥Óñ▓, Óñ╣Óñ░ Óñ░ÓÑïÓñ£ 40 Óñ╣Óñ£Óñ╝Óñ¥Óñ░ Óñ▓ÓÑïÓñùÓÑïÓñé ÓñòÓÑç ÓñûÓñ¥Óñ¿ÓÑç ÓñòÓñ¥ ÓñòÓñ┐Óñ»Óñ¥ Óñ¬ÓÑìÓñ░Óñ¼ÓñéÓñº

बंगला साहिब गुरुद्वारा ने पेश की मिसाल, हर रोज 40 हज़ार लोगों के खाने का किया प्रबंध

देशभर में फैले कोरोना वायरस को हराने के जंग में सभी लोग एकजुट हैं। प्रशासन, पुलिस, डॉक्टर दिन-रात मिलकर काम कर रहे हैं। इस आपदा में इंसानियत की कई मिसालें देखने को मिल रही है। हज़ारों की संख्या में लोग उनकी मदद के लिए आगे आए हैं जो लॉकडाउन में सबसे ज्यादा आहत हुए हैं। कुछ ऐसा ही भाईचारे का मिसाल पेश कर रहे हैं सिख समुदाय के लोग। कहा जाता है कि जब-जब मुश्किलों का पहाड़ टूटा इस समुदाय ने दिल खोल कर मदद के लिए आगे आया है।

कोरोना वायरस से जब देश में लॉक डाउन किया गया तो एक पल में लाखों लोग बेसहारा हो गए। घर की ओर लौटने को बेबस हो गए। जिसे देख दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ‘DSGMC’ ने उनका पेट भरने का ज़िम्मा उठाया। एक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुद्वारा बंगला साहिब में हर रोज 40 हज़ार लोगों का खाने का प्रबंध किया हुआ है।

बंगला साहिब की रसोई में हर रोज लगभग 60 लोग ज़रूरतमंदों के लिए खाना बना रहे हैं। खाना तैयार होने के बाद दिल्ली सरकार के अधिकारी आकर इस खाने को ले जाते हैं। फिर वे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाते हैं। गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य और अधिक अनाज ख़रीदने की कोशिश कर रही है। हांलाकि, उनका कहना है कि लॉकडाउन ख़त्म होने तक उनके पास लोगों को खिलाने के लिए पर्याप्त अनाज है।

हरबीर सिंह जो कि लंगर के प्रभारी हैं उन्होंने बताया कि रसोई में काम करने वाले लोग प्रोटोकॉल के तहत खाना बनाते हैं। रोटी बनाने के लिये ऑटोमैटिक मशीन भी है। हर घंटे मशीन से लगभग 1.5 Quintal आटे की रोटी तैयार की जाती है। ख़ुशी की बात ये है कि गुरुद्वारे द्वारा पिछले 12 दिनों में 4.5 लाख लोगों की भूख मिटाई जा चुकी है।